देश की खबरें | विश्व भारती ने सात छात्रों और एक प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई का बचाव किया
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कोलकाता, एक फरवरी विश्वभारती विश्वविद्यालय ने बुधवार को सात छात्रों और एक प्रोफेसर के खिलाफ अपनी अनुशासनात्मक कार्रवाई का बचाव किया। इससे एक दिन पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संस्थान में "लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों को दबाने के" प्रयासों की निंदा की थी।
बीरभूम जिले के अपने दौरे के दौरान बनर्जी ने मंगलवार को कहा था कि छात्रों और प्रोफेसर के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई "अलोकतांत्रिक और अनावश्यक" है।
विश्वभारती की प्रवक्ता महुआ बनर्जी ने एक बयान में इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री इस निष्कर्ष पर पहुंची हैं कि एक शिक्षक को निलंबित किया गया है, लेकिन यह सच नहीं है।
बयान के मुताबिक, इन शिक्षक के खिलाफ विश्वविद्यालय ने दंडात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी जिसके बाद वह अदालत चले गए थे और मामला अदालत में लंबित है।
बयान में महुआ बनर्जी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस बात की भी जांच नहीं की अदालत ने दो निलंबित छात्रों से माफी मांगने को कहा था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया जिसके चलते उन्हें परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया।
बयान में कहा गया है कि अन्य छात्र ने माफी मांग ली थी और उसके खिलाफ सारी कार्रवाई खत्म कर दी गई, जबकि पांच छात्रों ने अबतक माफी नहीं मांगी है।
विश्वविद्यालय के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने ‘पीटीआई-’ से कहा कि मुख्यमंत्री ने छात्रों और संकाय सदस्य के साथ खड़ा होकर सही काम किया है, क्योंकि वे कुलपति बिद्युत चक्रवर्ती की “प्रतिशोध की राजनीति” का खामियाजा भुगत रहे हैं।
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