हैदराबाद, दो नवंबर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण ने बृहस्पतिवार को कहा कि चूंकि महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार ने मराठा आरक्षण मुद्दे को हल करने की अपनी प्रतिबद्धता पूरी नहीं की, इसलिए इस मुद्दे पर आंदोलन ने महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में हिंसक रूप ले लिया है।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री चव्हाण ने यहां संवाददाताओं से कहा कि मौजूदा सरकार (महाराष्ट्र सरकार) को मराठा आरक्षण मुद्दे को हल करने के लिए एक महीने का समय दिया गया था और वे अपनी प्रतिबद्धता पूरी नहीं कर सके।
उन्होंने कहा, ''यही कारण है कि मराठा आरक्षण आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया है और आप महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था की समस्या देख रहे हैं।''
उन्होंने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह एक समयसीमा तय करे और उसके भीतर फैसला ले। उन्होंने कहा, ‘‘जब मुख्यमंत्री ने बयान दिया था कि वह एक महीने में समस्या का समाधान करेंगे और जब यह पूरा नहीं हुआ...तो आप परिणाम देख सकते हैं। कोई भी वादा करने से पहले यह देखना होता है कि वह कितने समय में (पूरा करना) संभव है।’’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मराठों के लिए आरक्षण का हमेशा समर्थन किया है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा मराठा आरक्षण मुद्दे पर बुधवार को आहूत की गई सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लेने वाले चव्हाण ने कहा, ‘‘हम सहमत हैं कि इसमें कुछ समय लगेगा। लेकिन, एक बार जब आप किसी चीज के लिए प्रतिबद्ध हो जाते हैं, तो यह देखना सरकार का कर्तव्य है कि इसका अनुपालन हो। हालांकि कानूनी प्रक्रिया है। मुख्यमंत्री ने कुछ वादा किया है।’’
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