देश की खबरें | पन्नू की हत्या की साजिश रचने वाले विकास यादव को पिछले साल अपहरण के मामले में हुआ था गिरफ्तार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अमेरिका में सिख अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश रचने में कथित भूमिका के लिए आरोपित विकास यादव को दिल्ली पुलिस ने पिछले साल दिसंबर में अपहरण और जबरन वसूली के मामले में गिरफ्तार किया था।

नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर अमेरिका में सिख अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश रचने में कथित भूमिका के लिए आरोपित विकास यादव को दिल्ली पुलिस ने पिछले साल दिसंबर में अपहरण और जबरन वसूली के मामले में गिरफ्तार किया था।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने भारत सरकार के पूर्व अधिकारी यादव (39) को रोहिणी में रहने वाले एक व्यापारी को अगवा करने और जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर फिरौती मांगने के आरोप में 18 दिसंबर, 2023 को गिरफ्तार किया था।

सूत्रों ने बताया कि यादव को इस साल अप्रैल में जमानत पर रिहा किया गया था।

विशेष प्रकोष्ठ की ओर से दायर प्राथमिकी के मुताबिक, यादव ने उक्त व्यापारी से कहा कि वह 11 दिसंबर, 2023 को दक्षिण दिल्ली में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के कार्यालय के पास उससे मिले और धमकी दी कि ऐसा न करने पर उसे “गंभीर परिणाम” भुगतने पड़ सकते हैं।

प्राथमिकी में दावा किया गया है कि पीड़ित व्यापारी यादव के कहे अनुसार अपने एक दोस्त के साथ उससे मिलने पहुंचा। इस दौरान, यादव के साथ अब्दुल्ला नाम का एक व्यक्ति मौजूद था।

इसमें आरोप लगाया गया है कि यादव और अब्दुल्ला ने व्यापारी को एक कार के अंदर खींचा तथा लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर उससे फिरौती की मांग की।

प्राथमिकी के अनुसार, दोनों आरोपियों ने व्यापारी को एक कोरे चेक पर दस्तखत करने के लिए मजबूर किया और फिर उसे उसकी कार के पास छोड़ दिया।

इसमें कहा गया है कि आरोपियों ने व्यापारी को धमकी दी कि अगर उसने इस घटना के बारे में किसी को भी बताया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

प्राथमिकी के मुताबिक, घर लौटने के बाद पीड़ित को पता चला कि यादव और अब्दुल्ला ने उसके कैफे में रखे 50,000 रुपये भी ले लिए और सभी सीसीटीवी रिकॉर्डिंग मिटा दी।

पुलिस ने यादव और अब्दुल्ला के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 364 ए (फिरौती के लिए अपहरण), 307 (हत्या का प्रयास), 328 (जहर का इस्तेमाल कर किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाना), 506 (आपराधिक धमकी), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 341 (गलत तरीके से रोकना), 392 (डकैती), 411 (बेईमानी से चोरी की संपत्ति प्राप्त करना) और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया।

पुलिस ने इस साल 13 मार्च को यादव के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था, जिसके बाद 22 मार्च को उनकी एक वर्षीय बेटी की "बीमारी" के आधार पर उन्हें छह दिनों के लिए अंतरिम जमानत दे दी गई थी। 22 अप्रैल को अदालत ने यादव को नियमित जमानत दे दी। विशेष रूप से, अंतरिम जमानत आदेश में यादव को "एक पूर्व सरकारी कर्मचारी जिसका इतिहास साफ-सुथरा है" के रूप में संदर्भित किया गया था।

पुलिस ने इस साल 13 मार्च को यादव के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया, जिसके बाद 22 मार्च को उसकी एक साल की बेटी के “बीमार होने” के आधार पर उसे छह दिन के लिए अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया था।

अदालत ने 22 अप्रैल को यादव को नियमित जमानत दे दी।

अंतरिम जमानत आदेश में यादव का संदर्भ “एक ऐसे पूर्व सरकारी कर्मचारी के रूप में दिया गया था, जिसकी पृष्ठभूमि साफ-सुथरी है।”

अमेरिका की एक अदालत में दायर मुकदमे में संघीय अभियोजकों ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि यादव अभी फरार है और वह नयी दिल्ली में कैबिनेट सचिवालय में कार्यरत था, जिसमें भारत की खुफिया सेवा रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) का मुख्यालय है।

अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा कि यादव पर पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश में उसकी कथित भूमिका के लिए भाड़े पर हत्या और धन शोधन के आरोप लगाए गए हैं।

पहले मुकदमे में यादव की पहचान “सीसी-1” (सह साजिशकर्ता-1) के रूप में की गई है।

अमेरिका के संघीय अभियोजकों के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि मुकदमे में नामजद व्यक्ति “अब भारत सरकार का कर्मचारी नहीं है।”

जायसवाल ने अमेरिकी सरजमीं पर एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश से किसी भी तरह का संबंध या संलिप्तता होने से इनकार किया।

अमेरिका ने इस मामले में भारतीय पक्ष से मिले सहयोग पर संतोष व्यक्त किया है।

पिछले साल जून में मामले में एक अन्य सह-साजिशकर्ता निखिल गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद पन्नू की हत्या की कोशिश नाकाम कर दी गई थी। गुप्ता चेक गणराज्य से प्रत्यर्पण के बाद अभी अमेरिका की एक जेल में बंद है।

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