भोपाल/लखनऊ, नौ जुलाई उत्तर प्रदेश के कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मुख्य आरोपी और कुख्यात अपराधी विकास दुबे को बृहस्पतिवार सुबह मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस छह दिनों उसकी तलाश कर रही थी।
मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दुबे की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा, ‘‘दुबे उज्जैन में राज्य पुलिस की हिरासत में है।’’
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दुबे की गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले उसके दो कथित साथियों को उत्तर प्रदेश पुलिस ने अलग अलग मुठभेड़ों में मार गिराया। इनमें से एक फरीदाबाद पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था और उसे ट्रांजिट रिमांड पर उत्तर प्रदेश लाया गया था। उसने एक पुलिसकर्मी से कथित तौर पर पिस्तौल छीनी और भागने का प्रयास किया था।
कानपुर के बिकरू गांव में गत शुक्रवार को पुलिस टीम पर हमले के बाद उप्र पुलिस दुबे के पांच कथित साथियों को ढेर कर चुकी है। इसके अलावा दो पुलिसकर्मियों समेत 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया कि दुबे को ट्रांजिट रिमांड पर उत्तर प्रदेश लाया जायेगा और कानपुर कांड में शामिल दुबे के गिरोह के सभी सदस्यों को पकड़ने तक हमारा अभियान जारी रहेगा ।
मध्य प्रदेश के गृह मंत्री मिश्रा ने इसकी पुष्टि नहीं की कि दुबे को उज्जैन के महाकाल मंदिर के भीतर से गिरफ्तार किया गया है या फिर बाहर से। दुबे पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था।
उन्होंने कहा, ‘‘इसमें मंदिर को मत लाइए। मंदिर के भीतर हो या बाहर। उसे उज्जैन से गिरफ्तार किया गया है।’’
पुजारी एवं कुछ लोगों ने उसका चेहरा पहचाना और उसके बाद पुलिस को सूचना दी या पुलिस ने सीधे उसे गिरफ्तार किया, इस सवाल पर मिश्रा ने कहा, ''इंटेलीजेंस की बात भी बताएंगे। पहले हमें इसके मर्म तक आने दो। बाकी चीजें बाद में बताएंगे, पहले पता करने दो।''
उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से वह प्रारंभ से ही क्रूरता की हदें पार करता रहा है और उसने जो कृत्य किया वह बहुत निंदनीय था, बहुत चिंतनीय था। मध्य प्रदेश पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है।
मंदिर से जुड़े सूत्रों का कहना है कि दुबे सुबह के समय मंदिर के द्वार पर पहुंचा और पुलिस चौकी के निकट मौजूद काउंटर से 250 रुपये का टिकट खरीदा।
सूत्रों के मुताबिक, जब पुलिसकर्मियों ने उसका नाम पूछा तो उसने तेज आवाज में कहा, ‘विकास दुबे’। इसके बाद मंदिर पर तैनात पुलिसकर्मियों एवं निजी सुरक्षाकर्मियों ने उसे दबोच लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि दुबे के दो साथ और लोग थे। पुलिस की ओर से अभी इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
दुबे की गिरफ्तारी के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘‘जिनको लगता है कि (उज्जैन में) महाकाल की शरण में जाने से उनके पाप धुल जाएंगे उन्होंने महाकाल को जाना ही नहीं।''
चौहान ने ट्वीट में किया, ''मैंने उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से बात कर ली है। शीघ्र आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।''
विकास दुबे की मां सरला देवी ने कहा कि यह सरकार के ऊपर है कि वह दुबे के साथ क्या करना चाहती है।
अपने बेटे के राजनीतिक संबंधों के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘अब वह भाजपा में नहीं है। वह सपा के साथ है।’’
भाजपा के कई विधायकों और समाजवादी पार्टी के एक प्रवक्ता ने दुबे के साथ किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है।
अधकारियों ने बताया कि दुबे पिछले कई वर्षों से 60 से अधिक आपराधिक मामलों का सामना कर रहा है।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार पर विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस प्रकरण की सीबीआई जांच होनी चाहिए।
उन्होंने मामले के मुख्य आरोपी विकास दुबे की गिरफ्तारी को लेकर दावा किया कि उसका उज्जैन तक पहुंचना मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
उधर, दुबे के दो सहयोगियों को उत्तर प्रदेश पुलिस ने कानपुर और इटावा जिले में दो अलग-अलग मुठभेड़ में मार गिराया गया।
दुबे का साथी कार्तिकेय उर्फ प्रभात कानपुर में तब मारा गया जब उसने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की जबकि दूसरा साथी प्रवीण उर्फ बउवा दुबे इटावा में मुठभेड़ में मारा गया।
कार्तिकेय को बुधवार को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया था। उसकी पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश करते समय गोली लगने से मौत हो गई। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी दी ।
उत्तर प्रदेश के अपर महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया कि कार्तिकेय ऊर्फ प्रभात ने ट्रांजिट रिमांड पर फरीदाबाद से कानपुर लाये जाने के दौरान पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की ।
उन्होंने बताया कि कार्तिकेय ने पुलिसकर्मी की पिस्तौल छीन कर एसटीएफ कर्मियों पर गोली चला दी, जिसमें दो कर्मी घायल हो गए।
इटावा के पुलिस अधीक्षक तोमर ने बताया कि विकास दुबे का एक और करीबी साथी एवं इनामी बदमाश प्रवीण उर्फ बउवा दुबे बृहस्पतिवार को इटावा में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया। उस पर 50,000 रुपये का इनाम भी घोषित था।
हक
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