देश की खबरें | सतर्कता ब्यूरो ने एक करोड़ रुपये की रिश्वत मामले में पंजाब के सहायक महानिरीक्षक को गिरफ्तार किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पंजाब सतर्कता ब्यूरो ने 2016 के दौरान एक करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के मामले में बृहस्पतिवार को एक सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) को गिरफ्तार किया और दो अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
चंडीगढ़, छह अक्टूबर पंजाब सतर्कता ब्यूरो ने 2016 के दौरान एक करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के मामले में बृहस्पतिवार को एक सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) को गिरफ्तार किया और दो अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि कथित तौर पर पैसे का लेन-देन तब हुआ जब एआईजी आशीष कपूर 2016 में अमृतसर केंद्रीय कारागार के अधीक्षक थे। कपूर वर्तमान में पठानकोट में चौथी भारतीय रिजर्व बटालियन के कमांडेंट के रूप में तैनात हैं।
ब्यूरो के एक प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार को कहा कि पुलिस उपाधीक्षक पवन कुमार और सहायक उप निरीक्षक हरजिंदर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जो कथित रिश्वत के लेन-देन के समय जीरकपुर थाने में तैनात थे।
प्रवक्ता ने कहा कि 2016 में अमृतसर केंद्रीय जेल प्रमुख के रूप में तैनाती के दौरान कपूर का कुरुक्षेत्र निवासी पूनम राजन नामक कैदी से परिचय हुआ था, जो तीन रिश्तेदारों - मां प्रेम लता, भाई कुलदीप सिंह और भाभी प्रीती- के साथ न्यायिक हिरासत में थी।
उन्होंने कहा कि कपूर ने प्रेम लता को जमानत की व्यवस्था और अदालत से बरी कराने का आश्वासन दिया था।
प्रवक्ता के मुताबिक, कथित तौर पर कपूर ने जीरकपुर थाने के तत्कालीन एसएचओ पवन कुमार और एएसआई हरजिंदर सिंह की मिलीभगत से प्रीति को मामले में निर्दोष घोषित करा दिया।
उन्होंने बताया कि इसके ऐवज में कपूर ने हरजिंदर सिंह के जरिये प्रेम लता के हस्ताक्षर वाले कुल एक करोड़ रुपये के भुगतान के कई बैंक चेक प्राप्त किए।
प्रवक्ता ने कहा कि कपूर ने इन चेक को अपने पहचान के लोगों के नाम पर जमा करके नकदी प्राप्त की।
ब्यूरो के अधिकारी ने कहा कि कपूर, पवन और हरजिंदर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है।
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