देश की खबरें | विद्यानगर कॉलेज : जहां प्रणब मुखर्जी ने पांच साल किया था अध्यापन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी दक्षिण 24 परगना जिले के विद्यानगर कॉलेज को कभी नहीं भूले थे, जहां उन्होंने 60 के दशक में पांच साल तक छात्रों को राजनीति विज्ञान और इतिहास पढ़ाया था।
आमतला (पश्चिम बंगाल), एक सितंबर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी दक्षिण 24 परगना जिले के विद्यानगर कॉलेज को कभी नहीं भूले थे, जहां उन्होंने 60 के दशक में पांच साल तक छात्रों को राजनीति विज्ञान और इतिहास पढ़ाया था।
मुखर्जी के पूर्व सहयोगी प्रद्योत मंडल ने मंगलवार को कहा कि वह वक्त के बहुत पाबंद थे। भारतीय संविधान और ऐतिहासिक घटनाओं की जानकारी तथा अपनी सरलता के कारण वह छात्रों के बीच लोकप्रिय थे।
मुखर्जी ने 1963 से 1968 के बीच इस कॉलेज में पढ़ाया था और कुछ समय के लिए वह कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य भी रहे।
मुखर्जी ने 1968 में राजनीति में शामिल होने के लिए संस्थान छोड़ दिया। यह कॉलेज कोलकाता से लगभग 30 किलोमीटर दूर है।
मंडल ने याद किया कि कैसे मुखर्जी कॉलेज पढ़ाने के बाद वापस हावड़ा लौटते थे, जहां वह रहते थे।
मंडल ने कहा, ‘‘ उन्होंने कॉलेज के अपने दिनों को नहीं भुलाया था, यह उनकी विनम्रता थी। वह अपनी जड़ों को कभी नहीं भूले।"
उनके पूर्व सहयोगी ने कहा कि वर्ष 1963 में 50 छात्रों के साथ शुरू हुआ कॉलेज मुखर्जी के कारण काफी विकसित हो चुका है और अभी करीब 2,200 छात्र यहां पढ़ाई कर रहे हैं।
स्थानीय पंचायत नेता और मुखर्जी के पूर्व छात्र स्वपन रॉय ने कहा, "वह (मुखर्जी) हमेशा अपने छात्रों के पास थे। उन्होंने एक शिक्षक के रूप में हमें काफी प्रभावित किया और हम उनकी सादगी और ज्ञान के लिए उन्हें याद करते हैं।"
कॉलेज के प्राचार्य सूर्य प्रकाश अग्रवाल ने कहा, मुखर्जी लॉकडाउन लागू होने के पहले तक संस्थान के अधिकारियों के नियमित संपर्क में थे।
अग्रवाल ने कहा, "जब वह 2011 में केंद्रीय वित्त मंत्री थे, तब वह एक सेमिनार में भाग लेने के लिए कॉलेज में आए थे। जनवरी 2013 में जब वह राष्ट्रपति थे, उन्होंने तीन नए भवनों की नींव रखी थी, जिसके लिए यूजीसी ने 10.23 करोड़ रुपये दिए थे।"
उन्होंने अपने व्यस्त कार्यक्रम से समय निकालकर 2016 में तीन इमारतों का उद्घाटन किया था और उस समय उन्होंने इस जगह से अपने जुड़ाव के बारे में बात की थी।
हालांकि, वह फिर वापस नहीं आ सके। लेकिन उनके पुत्र अभिजीत मुखर्जी ने कुछ महीने पहले कॉलेज का दौरा किया और अपने पिता को कॉलेज की तस्वीरें भेजी थीं।
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