देश की खबरें | कानपुर विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ जांच मामले में फैसला सुरक्षित

लखनऊ, नौ फरवरी इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने भ्रष्टाचार के एक मामले में कानपुर विश्वविद्यालय के कुलपति विनय पाठक के खिलाफ जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने के राज्य सरकार के निर्णय को रद्द करने के अनुरोध वाली याचिका पर अपना फैसला बृहस्पतिवार को सुरक्षित रख लिया।

पीठ ने कहा कि वह 13 फरवरी को अपना निर्णय सुनाएगी।

न्यायमूर्ति डी के उपाध्याय और न्यायमूर्ति एन के जौहरी की पीठ ने शिकायतकर्ता डेविड मारियो डेनिस द्वारा दायर याचिका पर यह आदेश पारित किया।

डेनिस ने इंदिरा नगर पुलिस थाना में भ्रष्टाचार के इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी और मामले की जांच एसटीएफ कर रही थी, लेकिन अचानक जांच सीबीआई को हस्तांतरित कर दी गई।

याचिकाकर्ता का आरोप है कि राजनीतिक प्रभाव के तहत आरोपी पाठक को अनुचित लाभ देने के लिए जांच सीबीआई को सौंपी गई है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के कुलपति विनय पाठक के खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। पाठक भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने पिछले साल 29 अक्टूबर को पाठक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। एसटीएफ ने पाठक को नोटिस जारी किया, लेकिन वह पूछताछ के लिए नहीं आए। डेनिस का आरोप है कि पाठक ने उनकी कंपनी को आवंटित एक परियोजना के बदले करीब 1.41 करोड़ रुपये का 15 प्रतिशत हिस्सा लिया था।

सीबीआई ने सात जनवरी को पाठक के खिलाफ मामला दर्ज किया।

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