देश की खबरें | झारखंड से ‘वीर नारी’ एवं अन्य बहादुर महिलाओं ने अपनी आपबीती साझा की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कश्मीर के बारामूला में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में 2004 में जान गंवाने वाले लांस नाइक राजकुमार महतो की पत्नी जया प्रभा महतो ने कहा, “ जब मेरे पति की जम्मू कश्मीर में आतंकवाद रोधी अभियान के दौरान मृत्यु हुई तो मेरी साड़ी दुख में सफेद, हरी और केसरिया हो गई थी।”

नयी दिल्ली, 21 अगस्त कश्मीर के बारामूला में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में 2004 में जान गंवाने वाले लांस नाइक राजकुमार महतो की पत्नी जया प्रभा महतो ने कहा, “ जब मेरे पति की जम्मू कश्मीर में आतंकवाद रोधी अभियान के दौरान मृत्यु हुई तो मेरी साड़ी दुख में सफेद, हरी और केसरिया हो गई थी।”

रांची की निवासी ने सोमवार को यहां ‘आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन’ (एडब्ल्यूडब्ल्यूए) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में खुद को 'वीर नारी' बताया।

उन्होंने कहा, “ 'विधवा' शब्द 'कमजोरी' की भावना व्यक्त करता है, लेकिन 'वीर नारी' 'सशक्तीकरण की भावना' देता है।” इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू भी शामिल हुईं।

अपने गृह राज्य में एक सरकारी स्कूल में विज्ञान की शिक्षिका जया प्रभा की शादी कम आयु में हो गई थी और शादी के सात साल बाद ही 2004 में उन्होंने अपने जीवनसाथी को खो दिया था।

दो बेटों की मां ने कहा, “ वह (राजकुमार) 1994 में सेना की जाट रेजिमेंट में शामिल हुए थे। इसके बाद वह सियाचिन और सिक्किम समेत कई स्थानों पर तैनात रहे। उन्होंने तीन साल तक दिल्ली में एनएसजी (राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड) में भी सेवा दी। जब संसद पर आतंकवादी हमला हुआ था तब वह दिल्ली में तैनात थे।”

जया प्रभा महतो ने बताया कि एनएसजी के बाद, वह राष्ट्रीय राइफल्स में गए और पांच आरआर में सेवा करते समय जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

यहां मानेकशॉ सेंटर में हुए कार्यक्रम के इतर पीटीआई- से उन्होंने कहा, “ उनकी मृत्यु की खबर और तारीख मेरी स्मृति में अंकित है, वह चार जून 2004 था।”

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