नयी दिल्ली, 23 अप्रैल वेदांता लि. ने तेल के दाम में गिरावट का हवाला देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील दायर कर कहा है कि वह बाड़मेर तेल ब्लॉक से सरकार को अतिरिक्त मुनाफा देने की स्थिति नहीं है।
कंपनी ने कहा कि कोविड-19 महामारी की वजह से वैश्विक स्तर पर तेल कीमतों में भारी गिरावट आई है, ऐसे में बाड़मेर तेल ब्लॉक के परिचालन का उसका अनुबंध 2030 तक बढ़ाया जाए। इसके लिए कंपनी को 10 प्रतिशत अतिरिक्त मुनाफे के भुगतान के लिए न कहा जाए।
कंपनी की अपील पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र से जवाब मांगा है।
वेदांता की दलील है कि यदि उसे 10 प्रतिशत अतिरिक्त मुनाफा देना पड़ता है तो उसके लिए राजस्थान ब्लॉक से उत्पादन जारी रखने में कठिनाई आएगी, जिससे उत्पादन घटेगा और देश की ऊर्जा सुरक्षा की स्थिति प्रभावित होगी।
वेदांता ने अपनी अपील में कहा कि इससे आयात पर निर्भरता बढ़ेगी क्योंकि बाड़मेर ब्लॉक का घरेलू कच्चे तेल में 25 प्रतिशत योगदान है।
न्यायमूर्ति जयंत नाथ और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने केंद्र को नोटिस जारी कर छह मई तक जवाब देने को कहा है। वेदांता और सरकार के बीच उत्पादन भागीदारी करार (पीएससी) को 14 मई को विस्तार दिया जाना है। पीठ ने इस मामले की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये की।
पीठ ने सुनवाई के दौरान केंद्र और कंपनी से आपसी सहयोग के जरिये करार और अन्य औपचारिकताएं अदालत के तीन जुलाई, 2018 के अंतरिम आदेश के अनुरूप करने को कहा।
अंतरिम आदेश में कहा गया था कि पीएससी का 2020 से 2030 तक विस्तार नई नीति के तहत किया जाएगा, जिसमें सरकार के मुनाफे के हिस्से में 10 प्रतिशत वृद्धि की व्यवस्था है। हालांकि, अब वेदांता तीन जुलाई, 2018 के आदेश में संशोधन की अपील कर रही है।
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