नयी दिल्ली, 15 फरवरी अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड ने बुधवार को कहा कि उसने निवेशकों की चिंताएं दूर करने के लिए चालू वित्त वर्ष में अपने कर्ज बोझ में दो अरब डॉलर तक की कटौती की है।
वेदांता लिमिटेड की प्रमुख कंपनी वेदांता रिसोर्सेज की वेबसाइट के मुताबिक, उसपर मार्च, 2022 के अंत में 9.66 अरब डॉलर का भारी कर्ज था।
हालांकि, कंपनी ने चालू वित्त वर्ष में अबतक बकाया कर्जों के पुनर्भुगतान और उधारियों के जरिये इस कर्ज बोझ को घटाकर 7.7 अरब डॉलर पर लाने में सफलता हासिल की है। इसमें से तीन अरब डॉलर का भुगतान उसे अप्रैल, 2023 में करना है।
कंपनी ने बयान में कहा, ‘‘बीते 11 माह में दो अरब डॉलर का कर्ज चुकाने के साथ ही हमने चार अरब डॉलर का कर्ज का बोझ तीन साल में कम करने की अपनी प्रतिबद्धता का आधा हिस्सा एक साल में ही पूरा कर दिया है।’’
वेदांता ने कहा, ‘‘तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में मजबूत घरेलू खपत से कंपनी अपने कर्ज बोझ में आगे भी कटौती जारी रखेगी। वित्त वर्ष 2023-24 और 2024-25 में भी कर्ज बोझ कम करने का सिलसिला जारी रहेगा।’
क्रेडिट रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने पिछले हफ्ते कहा था कि वेदांता रिसोर्सेज अगर दो अरब डॉलर जुटाने या अपने जिंक कारोबार को बेचने में नाकाम रहती है तो उसकी क्रेडिट रेटिंग दबाव में आ जाएगी।
वेदांता लिमिटेड ने अपने अंतरराष्ट्रीय जिंक कारोबार को तीन अरब डॉलर में बेचने का प्रस्ताव हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के सामने रखा है।
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