देश की खबरें | उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने दून घाटी के लिए महायोजना बनाने के निर्देश दिए

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से चार सप्ताह के भीतर दून घाटी के लिए एक महायोजना और पर्यटन विकास योजना बनाने को कहा है।

नैनीताल, सात सितंबर उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से चार सप्ताह के भीतर दून घाटी के लिए एक महायोजना और पर्यटन विकास योजना बनाने को कहा है।

बुधवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान उक्त निर्देश देते हुए उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना के नाम पर दून घाटी की दशा बिगाड़कर सरकारी धन का दुरूपयोग किया जा रहा है।

खंडपीठ ने यह भी कहा कि घाटी के लिए महायोजना और पर्यटन योजना तैयार किए बिना कोई व्यवसायिक गतिविधि नहीं की जानी चाहिए।

अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए अगली तिथि नौ अक्टूबर निर्धारित की है।

दिल्ली निवासी आकाश वशिष्ठ ने उच्च न्यायालय में दायर याचिका में कहा है कि केंद्र सरकार के 1989 की अधिसूचना के बावजूद उत्तराखंड सरकार ने न तो पर्यटन गतिविधियों के लिए और न ही भूमि उपयोग के लिए कोई योजना तैयार की है। इसके अलावा न ही दून घाटी के लिए कोई महायोजना बनाई गयी है।

याचिका के अनुसार, दून घाटी कंक्रीट के जंगल में बदल रही है जो नदियों, अन्य जल निकायों तथा जंगलों को प्रभावित कर रहा है।

तथ्यों का संज्ञान लेते हुए उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को दून घाटी के लिए एक महायोजना और एक पर्यटन विकास योजना बनाने के निर्देश दिए।

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