देश की खबरें | उत्तर प्रदेश विधानसभा ने दी दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि
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लखनऊ, 20 अगस्त उत्तर प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन बृहस्पतिवार को दिवंगत मंत्रियों, विधायकों, पूर्व विधायकों, शहीद जवानों और कोविड-19 महामारी से निपटते हुए जीवन बलिदान करने वाले कोरोना योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद सदन की बैठक शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गयी।
कोविड-19 के प्रोटोकॉल के कड़ाई से पालन के साथ सदन की बैठक सुबह 11 बजे शुरू होने पर विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने नेता सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम पुकारा। योगी ने मंत्री रहीं कमल रानी वरूण एवं चेतन चौहान के निधन पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किये और दु:खी परिजनों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की ।
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योगी ने विधायक वीरेन्द्र सिंह सिरोही और पारसनाथ यादव के निधन पर भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानमंडल के सदस्य रह चुके और मध्य प्रदेश के राज्यपाल रहे लालजी टंडन के निधन पर भी शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किये ।
मुख्यमंत्री ने गलवान घाटी में शहीद हुए भारतीय जवानों और कोविड-19 महामारी के दौरान देश और प्रदेश की जनता की जान बचाने के दौरान बीमारी से मरने वाले कोरोना योद्धाओं को भी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सपा के शैलेन्द्र यादव, बसपा के लालजी वर्मा और कांग्रेस की आराधना मिश्रा सहित अन्य सभी दलों के नेताओं ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की ।
विधानसभा अध्यक्ष दीक्षित ने सदस्यों की संवेदनाओं से खुद को संबद्ध किया और अपनी ओर से दिवंगत मंत्रियों, विधायकों, पूर्व विधायकों, शहीद जवानों और जीवन का बलिदान देने वाले कोरोना योद्धाओं को श्रद्धांजलि दी ।
इसके बाद दिवंगत आत्माओं की मुक्ति, मोक्ष एवं शांति के लिए सदस्यों ने कुल मिनट का मौन रखा। फिर अध्यक्ष ने सदन की बैठक दिन भर के लिए स्थगित कर दी ।
मानसून सत्र के दौरान सदन की केवल तीन बैठकें होनी हैं। सदस्यों और विधानसभा कर्मियों ने मॉस्क पहन रखे थे और बैठने की व्यवस्था कुछ इस तरह की गयी थी कि एकदूसरे से दूरी के प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन हो।
सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा था कि जिन विधायकों की आयु 60 वर्ष से अधिक है और महिला विधायक, जो सदन नहीं आ सकतीं या कोई विधायक अस्वस्थ है तो वह लिखित में या टेलीफोन करके इसकी जानकारी दे सकते हैं। ऐसे में उनकी अनुपस्थिति नहीं दर्ज की जाएगी।
दीक्षित ने सभी दलों के नेताओं से कहा था कि वे यह संदेश अपने विधायकों तक पहुंचा दें। विधानसभा में आने से पहले सभी की कोविड-19 जांच का इंतजाम किया गया था। सत्र शुरू होने से पहले 600 कर्मचारियों की कोरोना वायरस की जांच सोमवार को की गयी थी और इनमें से 20 कर्मचारी संक्रमित पाये गये थे।
बैठक शुरू होने से पहले सदस्यों की थर्मल स्कैनिंग की गयी। दीक्षित ने कहा कि अगर कोई सदस्य मास्क नहीं पहने है तो हम उसे मास्क मुहैया कराएंगे।
उत्तर प्रदेश सरकार ने मीडियाकर्मियों के लिए परामर्श जारी करते हुए बुधवार को कहा था, ‘‘सत्र की कार्यवाही की कवरेज के लिए आने वाले पत्रकारों को अपनी कोविड-19 जांच करानी अनिवार्य है। उन्हें प्रेस गैलरी में नहीं बैठने दिया जाएगा लेकिन वे तिलक हॉल में बैठ सकते हैं, जहां से वे कार्यवाही का सीधा प्रसारण देख सकेंगे।’’
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