विदेश की खबरें | यूक्रेन को 72.5 करोड़ डॉलर की अतिरिक्त सैन्य मदद भेज रहा अमेरिका

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. नाटो की बैठकों में यूरोप और दुनियाभर के रक्षा नेताओं ने कीव तथा अन्य क्षेत्रों में रूस की बमबारी बढ़ने के बीच यूक्रेन को हथियार व हवाई रक्षा प्रणालियां मुहैया कराने का संकल्प लिया है।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

नाटो की बैठकों में यूरोप और दुनियाभर के रक्षा नेताओं ने कीव तथा अन्य क्षेत्रों में रूस की बमबारी बढ़ने के बीच यूक्रेन को हथियार व हवाई रक्षा प्रणालियां मुहैया कराने का संकल्प लिया है।

अधिकारियों ने बताया, “अमेरिका के सैन्य पैकेज में कोई प्रमुख नया हथियार शामिल नहीं है। इसके बजाय अमेरिकी मदद का मकसद उन हथियार प्रणालियों के लिए हजारों गोला-बारूद का पुन: भंडारण करने में सहायता देना है, जिनका यूक्रेन ने रूस के खिलाफ सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया है।”

नए पैकेज में ‘हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम्स’ (एचआईएमएआरएस) के लिए गोले-बारूद देना शामिल है। यह एक अहम हथियार है, जिसने डिपो, पुलों और अन्य अहम ठिकानों पर हमला करने की यूक्रेन की क्षमता में सुधार किया है।

इस सप्ताह कई यूरोपीय देशों ने यूक्रेन को सैन्य सहायता देने की घोषणा की है। ये घोषणाएं यूरोपीय देशों के इस भय को दर्शाती हैं कि रूस का अगला निशाना वे हो सकते हैं।

एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने पेंटागन में पत्रकारों को बताया कि यूक्रेन को अतिरिक्त वायु रक्षा प्रणालियों की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने उदाहरण के लिए बताया कि रूस ने हाल ही में 24 घंटे की अवधि में यूक्रेन के ठिकानों पर 80 से अधिक मिसाइलें दागीं, लेकिन यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणालियां इनमें से केवल आधी मिसाइलों का पता लगा पाईं।

रूस ने कामीकेज ड्रोन और मिसाइलों के जरिये कीव में अपने हमले तेज कर दिए हैं। उसने असैन्य क्षेत्रों को निशाना बनाया है, जिसमें एक अस्पताल, एक किंडरगार्टन और निकोपोल शहर की विभिन्न रिहायशी इमारतें शामिल हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\