विदेश की खबरें | अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत से ईरान की अर्जी खारिज करने का आग्रह किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने इस राशि को लेबनान में 1983 में हुई बमबारी और अन्य हमलों के पीड़ितों को देने को कहा है। इन हमलों के तार तेहरान से जुड़े थे।
अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने इस राशि को लेबनान में 1983 में हुई बमबारी और अन्य हमलों के पीड़ितों को देने को कहा है। इन हमलों के तार तेहरान से जुड़े थे।
अमेरिकी कानूनी दल की अगुवाई कर रहे रिचर्ड विसेक ने संयुक्त राष्ट्र अदालत से कहा कि इसे खारिज किया जाना चाहिए क्योंकि कोई देश मामले से जुड़े अपने स्वयं के आपराधिक कृत्यों का मुकदमा अदालत में नहीं ला सकता है।
विसेक ने आईसीजे के न्यायाधीशों से कहा, ‘‘मंशा ठीक नहीं होने (अनक्लीन हैंड) के सिद्धांत के आधार पर ईरान के मामले को पूरी तरह से खारिज कर दिया जाना चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि आईसीजे ने ‘‘मंशा ठीक नहीं होने’’ जैसी दलील पर कभी मामले को खारिज नहीं किया है लेकिन अंतरराष्ट्रीय सुलह मामलों में इसका उल्लेख किया जाता रहा है।
सोमवार को, ईरान ने कहा था कि अमेरिका द्वारा संपत्ति जब्ती की कार्रवाई तेहरान सरकार को अस्थिर करने का एक प्रयास और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
अमेरिकी शीर्ष अदालत ने फैसला सुनाया था कि ईरान के केंद्रीय बैंक में रखी गई राशि का इस्तेमाल लेबनान में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर 1983 में हुई बमबारी के 241 पीड़ितों को मुआवजे देने के लिए किया जा सकता है, जिसके बारे में माना जाता है कि इस हमले के तार तेहरान से जुड़े थे। इसके बाद ईरान ने 2016 में अंतराष्ट्रीय अदालत में अपना दावा पेश किया।
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