विदेश की खबरें | अमेरिका के विदेश मंत्री ब्लिंकन वियतनाम के दौरे पर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. अमेरिका हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता को संतुलित करने के लिए वियतनाम के साथ संबंधों को अहम मानता है।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

अमेरिका हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता को संतुलित करने के लिए वियतनाम के साथ संबंधों को अहम मानता है।

ब्लिंकन और चिन्ह ने वियतनाम से अमेरिकी बलों की वापसी के 50 साल पूरे होने के मात्र दो सप्ताह बाद मुलाकात की और दोनों देशों के बीच संबंधों को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया।

इस यात्रा के दौरान ब्लिंकन ने वियतनाम की राजधानी हनोई में अमेरिकी दूतावास के नए परिसर की नींव रखी। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन को उम्मीद है कि यह परियोजना वियतनाम के साथ संबंधों को और मजबूत करने की उसकी प्रतिबद्धता को जताएगी। दोनों देशों के बीच 1995 में राजनयिक संबंध बहाल हुए थे।

वियतनाम के मानवाधिकार संबंधी रिकॉर्ड को लेकर चिंताओं के बावजूद अमेरिका हनोई को क्षेत्र संबंधी अपनी रणनीति के लिए अहम मानता है। वह क्षेत्र में अमेरिका का प्रभाव बढ़ाने के लिए चीन के साथ वियतनाम की दुश्मनी का लाभ उठाना चाहता है।

ब्लिंकन ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि हम इन संबंधों को और भी ऊंचे स्तर पर लेकर जाएंगे।’’

वहीं, चिन्ह ने कहा, ‘‘ये बहुत व्‍यापक और प्रभावी संबंध रहे हैं और आगे भी हम संबंधों को प्रगाढ़ करना जारी रखेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम एशिया प्रशांत या हिंद-प्रशांत के प्रति अमेरिका की भूमिका और उत्तरदायित्व की बहुत सराहना करते हैं।’’

चीन का वियतनाम समेत अपने कई पड़ोसियों के साथ दक्षिण चीन सागर में समुद्री और क्षेत्रीय विवाद है।

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