विदेश की खबरें | आर्मीनिया के खिलाफ शत्रुता को लेकर अमेरिका में विरोध प्रदर्शन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. अजरबैजान और आर्मीनिया के बीच शनिवार को रूस की मदद से संघर्ष विराम प्रभावी हुआ था, लेकिन दोनों देश एक-दूसरे पर संघर्ष विराम उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं, जिसके बाद रविवार को लॉस एंजिलिस में विरोध प्रदर्शन हुआ। इस संघर्ष विराम का मकसद विवाद सुलझाने के लिये बातचीत के रास्ते तलाशना है।

अजरबैजान और आर्मीनिया के बीच शनिवार को रूस की मदद से संघर्ष विराम प्रभावी हुआ था, लेकिन दोनों देश एक-दूसरे पर संघर्ष विराम उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं, जिसके बाद रविवार को लॉस एंजिलिस में विरोध प्रदर्शन हुआ। इस संघर्ष विराम का मकसद विवाद सुलझाने के लिये बातचीत के रास्ते तलाशना है।

प्रदर्शनकारी रविवार दोपहर कैलिफोर्निया के सबसे बड़े शहर लॉस एंजिलिस में स्थित तुर्की के वाणिज्य दूतावास के बाहर जमा हुए। इस दौरान उन्होंने आर्मीनिया के झंडे लहराते हुए नारेबाजी की।

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इससे पहले प्रदर्शनकारी सड़कों पर जमा हुए और विरोध प्रकट किया।

अमेरिका में साउथ कैरोलाइना में आर्मीनिया की सबसे अधिक आबादी रहती है। इसके अलावा नजदीकी ईस्ट हॉलीवुड इलाके को साल 2000 में छोटा आर्मीनिया करार दिया गया था।

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गौरतलब है कि नागोर्नो-कारबाख क्षेत्र को लेकर अजरबैजान और आर्मीनियाई बलों के बीच 27 सितंबर को संघर्ष शुरू हुआ था, जिसमें सैंकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है।

यह क्षेत्र अजरबैजान के क्षेत्र में आता है, लेकिन इस पर आर्मिनिया समर्थित आर्मीनियाई जातीय समूहों का नियंत्रण है। आर्मिनिया इसे आर्तसाख कहता है।

तुर्की अजरबैजान का समर्थन करता है और उसके राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोआन ने हाल ही में कहा था कि ''अजरबैजान के लोग अपनी भूमि पर वापस लौटने का इंतजार कर रहे हैं।''

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