विदेश की खबरें | जासूसी के आरोप में हिरासत में लिये गए अमेरिकी पत्रकार को अदालत में पेश किया गया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. वहीं, इवान के खिलाफ कार्रवाई को यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध के खिलाफ उठने वाली आवाज को दबाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

वहीं, इवान के खिलाफ कार्रवाई को यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध के खिलाफ उठने वाली आवाज को दबाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

पत्रकारों और उसके समर्थकों ने ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के पत्रकार इवान को कई हफ्तों के बाद अदालत में देखा। वह पहला अमेरिकी पत्रकार है जिसे रूस ने शीतयुद्ध के बाद कथित जासूसी के आरोप में हिरासत में लिया है।

रूस की संघीय सुरक्षा सेवा ने 31 वर्षीय इवान को 29 मार्च को इकैटरिनबर्ग से गिरफ्तार किया था और उस पर रूसी सैन्य कारखाने के गोपनीय दस्तावेज बरामद करने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है।

इवान, उसके नियोक्ता और अमेरिकी सरकार ने उसके जासूसी में शामिल होने के आरोपों का खंडन किया है और उसे रिहा करने की मांग की है।

मॉस्को शहर की अदालत अमेरिकी पत्रकार को हिरासत में रखने के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करेगी।

रूसी वकील ने कहा कि अगर इवान दोषी करार दिया जाता है तो उसे 20 साल की सजा हो सकती है।

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