विदेश की खबरें | ट्रम्प को दोषी ठहराने वाले जूरी सदस्यों की आलोचना करने से रोकने वाले आदेश बरकरार रखने का आग्रह

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. वे इस बात पर सहमत हुए कि प्रतिबंध आदेश का वह प्रावधान हटाया जा सकता है, जो ट्रम्प को मामले के गवाहों को निशाना बनाने से रोकता है।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

वे इस बात पर सहमत हुए कि प्रतिबंध आदेश का वह प्रावधान हटाया जा सकता है, जो ट्रम्प को मामले के गवाहों को निशाना बनाने से रोकता है।

मैनहट्टन जिला अटॉर्नी कार्यालय के अभियोजकों ने शुक्रवार को दायर किए गए अदालती दस्तावेजों में दलील दी कि ट्रम्प के ‘‘भड़काऊ और धमकी भरे सार्वजनिक बयानों के विचित्र इतिहास’’ के साथ-साथ उनके समर्थकों द्वारा ‘‘जूरी सदस्यों की पहचान करने और उनके खिलाफ हिंसा की धमकी देने’’ के प्रयासों को देखते हुए प्रतिबंध आदेश के कुछ हिस्से आवश्यक बने हुए हैं।

मार्च में जारी किए गए प्रतिबंध आदेश के जरिये ट्रम्प को गवाहों, जूरी सदस्यों और मामले से जुड़े अन्य लोगों के बारे में सार्वजनिक बयान देने या दूसरों को ऐसा करने का निर्देश देने से रोक दिया गया था।

हालांकि, यह प्रतिबंध न्यायाधीश जुआन एम. मर्चेन या मैनहट्टन जिला अटॉर्नी एल्विन ब्रैग के बारे में टिप्पणियों को प्रतिबंधित नहीं करता है।

ट्रम्प के वकीलों ने पिछले महीने उनके मुकदमे की परिणति के बाद न्यायाधीश से प्रतिबंध आदेश हटाने का आह्वान किया है।

किसी भी गलत काम से इनकार करने वाले ट्रम्प को 11 जुलाई को पेश होना है।

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