जरुरी जानकारी | गैस की कम कीमत से यूरिया उत्पादक लाभान्वित होगे, सब्सिडी आवश्यकता कम होगी: इक्रा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. साख निर्धारक एजेंसी इक्रा ने कहा कि घरेलू गैस की कीमतों के घटने से यूरिया उत्पादकों को फायदा होने की संभावना है क्योंकि इससे उत्पादन लागत कम होगी और सब्सिडी की आवश्यकता भी घटेगी।
मुंबई, पांच अक्टूबर साख निर्धारक एजेंसी इक्रा ने कहा कि घरेलू गैस की कीमतों के घटने से यूरिया उत्पादकों को फायदा होने की संभावना है क्योंकि इससे उत्पादन लागत कम होगी और सब्सिडी की आवश्यकता भी घटेगी।
हालांकि, फॉस्फोरिक एसिड की कीमतों में वृद्धि होने से फॉस्फेटिक उर्वरक उत्पादकों का लाभ कम होने की उम्मीद है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल-सितंबर 2020-21 में इस क्षेत्र में मजबूत विकास हुआ, जो कि किसानों द्वारा कोविड-19 महामारी के मद्देनजर पहले से सतर्कतापूर्ण खरीद, बुवाई के रकबे के बढ़ने तथा सरकार की विभिन्न के माध्यम से कृषि कार्य के लिए दिये गये समर्थन से प्रेरित है।
कच्चे माल के स्तर पर, यूरिया कंपनियों को प्राकृतिक गैस की कीमतों में गिरावट का फायदा मिल रहा है।
यह भी पढ़े | Gandhi Jayanti 2020: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा- महात्मा गांधी की विचारधारा से प्रभावित मोदी सरकार.
रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू गैस के मोर्चे पर, सरकार ने वित्तवर्ष 2021 के अक्टूबर-मार्च की जो कीमत तय थी वह घटकर सकल कलोरिफिक मूल्य (जीसीवी) के आधार पर 1.79 डॉलर प्रति मीट्रिक मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (एमएमबीटीयू) रह गया है।
इक्रा के समूह प्रमुख और परिष्ठ उपाध्यक्ष के रविचंद्रन ने कहा, “उर्वरक क्षेत्र के लिए प्राकृतिक गैस की आवश्यकता का लगभग 41 प्रतिशत घरेलू गैस के माध्यम से मिलता है, शेष 59 प्रतिशत एलएनजी और स्पॉट एलएनजी के मिश्रण के माध्यम से मिलता है।
उन्होंने कहा कि गैस की कम कीमतों के साथ उत्पादन की लागत भी कम होगी और इससे सब्सिडी की आवश्यकता भी कम होगी।
हालांकि, यूरिया के स्वदेशी उत्पादन के लिए सब्सिडी में होने वाली बचत की भरपाई, आयातित यूरिया के लिए दी जाने वाली सब्सिडी कर देगा।
रिपोर्ट में कहा गया है, हालांकि, कोविड-19 महामारी की शुरुआत और कृषि पर दुनिया भर के देशों के बढ़ते ध्यान के बाद से, फॉस्फेट उर्वरकों की मांग और कीमतों में भी वृद्धि देखी गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका, ब्राजील और भारत से फास्फेटिक उर्वरकों की मांग मजबूत है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)