लखनऊ, चार मई अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले, उत्तर प्रदेश में शहरी मतदाताओं के बीच राजनीतिक दलों के असर के संदर्भ में कसौटी माने जा रहे नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण में राज्य के नौ मंडलों के 37 जिलों में हो रहा मतदान अपेक्षाकृत धीमा है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार ने बताया कि पहले चरण के लिये मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और अपराह्न एक बजे तक औसतन 24 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया।
चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, दोपहर एक बजे तक शामली जिले में 41.08 फीसदी, श्रावस्ती में 40.28 प्रतिशत, वाराणसी में 24.15 प्रतिशत और प्रयागराज में 17.27 फीसदी वोट पड़े हैं।
निकाय चुनाव में वोट डालने वाली प्रमुख हस्तियों में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती शामिल रहीं। राजनाथ, मायावती और पाठक ने लखनऊ में जबकि मुख्यमंत्री योगी ने गोरखपुर में वोट डाला।
मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक हैंडल से किए गए ट्वीट में वोट डालने के बाद की अपनी तस्वीर टैग की। उन्होंने ट्वीट में कहा, "आज नगर निकाय चुनाव-2023 के लिए गोरखपुर में अपने मताधिकार का उपयोग किया। मतदान हमारा अधिकार होने के साथ ही प्रमुख कर्तव्य भी है। अपने नगर निकाय को और अधिक सशक्त करने के लिए आप भी मतदान अवश्य करें। भारत माता की जय!"
वोट डालने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा, "ईश्वर की कृपा है कि कितना सुहावना मौसम है। जनता नगरीय सरकार भी अच्छी चुने, मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें, इसके लिए इसे मैं ईश्वर की विशेष कृपा मानता हूं। प्रदेश में राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए सभी प्रकार की व्यवस्थाएं की हैं।"
बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती ने लखनऊ में वोट डाला। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "हमारी पार्टी यह चुनाव अपने बलबूते पर और पूरी तैयारी से लड़ रही है। हमें पूरा भरोसा है कि हमारी पार्टी को अच्छा नतीजा मिलेगा।"
पहले चरण में सहारनपुर, मुरादाबाद, आगरा, झांसी, प्रयागराज, लखनऊ, देवीपाटन, गोरखपुर और वाराणसी मंडल के 37 जिलों में वोट डाले जा रहे हैं। इन जिलों में 2.40 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे।
पहले चरण में नगर निगमों के 10 महापौर और 820 पार्षदों, 103 नगर पालिका परिषद अध्यक्षों, 2,740 नगर पालिका परिषद सभासदों, 275 नगर पंचायत अध्यक्षों और 3,645 नगर पंचायत सदस्यों समेत कुल 7,593 पदों के लिए 44 हजार से अधिक उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे हैं।
आयोग के बयान के अनुसार, नगर निगमों के 10 पार्षदों समेत कुल 85 प्रतिनिधि पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं।
निर्वाचन आयोग के मुताबिक प्रदेश में दो चरणों में चार मई और 11 मई को नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान होने के बाद 13 मई को मतगणना होगी। नगर निगमों के महापौर और पार्षद पद के लिए मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से होगा, जबकि बाकी पदों के लिए मतदान मतपत्र से होगा।
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