देश की खबरें | उप्र : भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ 'झूठे' मुकदमे के विरोध में धरने पर बैठी मंत्री
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश की मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं पर झूठा मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगाते हुए इसके खिलाफ कानपुर देहात के अकबरपुर थाने में धरना दिया और थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कानपुर, 24 जुलाई उत्तर प्रदेश की मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं पर झूठा मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगाते हुए इसके खिलाफ कानपुर देहात के अकबरपुर थाने में धरना दिया और थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
अधिकारियों के मुताबिक पांच घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद स्थानीय पुलिस चौकी प्रभारी को हटा दिया गया है और थाना प्रभारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना पर प्रदेश की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर निशाना साधा है।
महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने थाना प्रभारी सतीश सिंह पर भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ दलित अधिनियम के तहत मनगढ़ंत मामला दर्ज करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह उन्हें जानबूझकर निशाना बनाने की कोशिश है।
शुक्ला ने कहा, ''यह पिछली समाजवादी सरकार नहीं है। यह योगी सरकार है और भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे और मनगढ़ंत मामले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।''
पुलिस क्षेत्राधिकारी (सिकंदरा) प्रिया सिंह द्वारा मंत्री को धरना समाप्त करने के लिए मनाने के बार-बार प्रयासों के बावजूद शुक्ला अपनी बात पर अडिग रहीं।
उन्होंने कहा, ''पुलिस अधीक्षक को आकर सबके सामने बोलने दीजिए।''
मंत्री ने कहा, ''मैंने पिछले 25 वर्षों में कभी पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई, लेकिन आज यह सम्मान की बात है। मैं जानना चाहती हूं कि किसके दबाव में यह मामला दर्ज किया गया।''
जिलाधिकारी आलोक सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक अरविंद मिश्रा द्वारा स्थानीय पुलिस चौकी प्रभारी को हटाने और थाना प्रभारी सतीश सिंह के खिलाफ जांच के आदेश देने के बाद धरना समाप्त किया गया।
उन्होंने बताया कि अपर पुलिस अधीक्षक राजेश पांडेय को मामले की विस्तृत जांच करने और जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिये गये हैं।
प्रदर्शन के दौरान शुक्ला के साथ उनके पति और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला भी शामिल हुए। उन्हें कथित तौर पर सरकार के एक वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री से बात करते हुए और स्थिति पर अपनी नाराज़गी व्यक्त करते हुए देखा गया।
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