देश की खबरें | उप्र की मंत्री कमल रानी वरुण की मृत्यु : कोविड-19 प्रोटोकॉल के साथ हुई अंत्येष्टि

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश की तकनीकी शिक्षा मंत्री कमल रानी वरुण की लखनऊ स्थित संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में रविवार सुबह मृत्यु हो गई। वह कोरोना वायरस से संक्रमित थी। कानुपर में उनके पार्थिव शरीर की शाम में कोविड-19 प्रोटोकॉल के अनुसार अंत्येष्टि की गई।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

लखनऊ/कानपुर, दो अगस्त उत्तर प्रदेश की तकनीकी शिक्षा मंत्री कमल रानी वरुण की लखनऊ स्थित संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में रविवार सुबह मृत्यु हो गई। वह कोरोना वायरस से संक्रमित थी। कानुपर में उनके पार्थिव शरीर की शाम में कोविड-19 प्रोटोकॉल के अनुसार अंत्येष्टि की गई।

कमल रानी (62) उत्तर प्रदेश की पहली मंत्री हैं, जिनकी मृत्यु कोरोनो वायरस संक्रमण से हुई। वह कानपुर की घाटमपुर सीट से विधायक थी। पूर्व में वह दो बार सांसद भी रह चुकी थी।

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शाम में उनके पार्थिव शरीर की कानपुर के भैरो घाट स्थित विद्युत शवदाह गृह में कोविड—19 प्रोटोकॉल के अनुसार अंत्येष्टि की गई। इसके पूर्व, उन्हें ‘‘गार्ड आफ आनर’’ भी दिया गया।

एसजीपीजीआई के एक बयान के मुताबिक गत 18 जुलाई को बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत पर वहां भर्ती करायी गई मंत्री कमल रानी कोरोना वायरस से संक्रमित थी। साथ ही उन्हें मधुमेह, उच्च रक्तचाप और थायराइड की भी समस्या था। एसजीपीजीआई में भर्ती होने के समय उन्हें निमोनिया भी था। इसक कारण उन्हें फौरन आईसीयू में भर्ती किया गया था।

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बाद में मंत्री को अधिक आक्सीजन की जरूरत के मद्देनजर नॉन—इन्वेसिव वेंटिलेशन पर रखा गया था, मगर उनकी हालत ठीक नहीं हुई। एम्स, दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर रणदीप गुलेरिया और पीजीआईएमईआर चंडीगढ के प्रोफेसर रितेश अग्रवाल से भी उनके स्वास्थ्य को लेकर सलाह ली गयी थी।

शनिवार को उन्हें मैकेनिकल वेंटिलेटर पर रखा गया, मगर उनकी हालत बिगड़ती चली गयी और उनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया, नतीजतन रविवार सुबह साढ़े नौ बजे उनकी मृत्यु हो गई।

उनकी गत 18 जुलाई को कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उन्हें श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद उन्हें संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान भेजा गया था।

कानपुर के जिलाधिकारी ब्रह्मदेव राम तिवारी ने बताया कि कमल रानी का पार्थिव शरीर निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार कानपुर के बर्रा इलाके में लाया गया, जहां परिजन ने दूर से उन्हें अश्रुपूर्ण विदाई दी। बाद में उनका पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

इस दौरान कमल रानी के परिजन के साथ—साथ भाजपा के कई नेता, पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे।

इस बीच, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्री कमल रानी की असमय मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है।

योगी ने अपने संदेश में कहा, ‘‘ कमल रानी बहुत अनुभवी और सक्षम नेता थी। उन्होंने अपनी हर जिम्मेदारी को बखूबी निभाया था। वह एक समर्पित जनप्रतिनिधि थी, जिन्होंने हमेशा समाज के दबे कुचले वर्गों के कल्याण के लिए काम किया।’’

गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि मंत्री की मृत्यु के बाद मुख्यमंत्री ने रविवार की अपनी अयोध्या यात्रा स्थगित कर दी है।

इस बीच, उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने भी मंत्री कमल रानी वरुण की मृत्यु पर दुख व्यक्त किया है।

तीन मई 1958 को जन्मीं कमल रानी 21 अगस्त 2019 को प्रदेश मंत्रिमंडल में हुए फेरबदल के दौरान मंत्री बनाई गई थी। वह योगी मंत्रिमंडल की दूसरी महिला सदस्य थी। इससे पहले रीता बहुगुणा जोशी कैबिनेट मंत्री थी, लेकिन लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।

इस बीच, एक सरकारी बयान के मुताबिक मंत्री की मृत्यु पर एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है।

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