देश की खबरें | 1985 के एसएचओ हत्याकांड में उप्र की अदालत ने नौ लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई

जौनपुर (उप्र), एक अगस्त जिले की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को एक थानाध्यक्ष (एसएचओ) की हत्या के 38 साल पुराने मामले में नौ लोगों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

सरकारी वकील सतीश चंद्र पांडेय ने बताया कि यह मामला दिसंबर 1985 में सुरेरी थाने के एसएचओ अमरनाथ भारती की हत्या से संबंधित है।

पांडेय ने कहा कि जिला न्यायाधीश वाणी रंजन अग्रवाल की अदालत ने हत्या के जुर्म में नौ लोगों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई। अदालत से दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माने भी लगाया।

पांडेय के अनुसार, 18 दिसंबर 1985 को सुरेरी थाना क्षेत्र के ग्राम सिरोही पूरवा मोदक में जमीन कब्जे की सूचना पर पहुंची पुलिस जब एक आरोपी बलिराम को गिरफ्तार कर ले जाने लगी तभी ग्रामीणों ने पुलिस दल पर हमला कर दिया जिसमें अमरनाथ भारती की मौत हो गई।

पुलिस ने 26 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।

पांडेय ने बताया कि सुनवाई के दौरान नौ आरोपियों की मौत हो गई और आठ को अदालत ने बरी कर दिया।

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