विदेश की खबरें | ग्लासगो में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन की औपचारिक रूप से शुरुआत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. बैठक में लगभग 200 देशों के वार्ताकार 2015 के पेरिस जलवायु समझौते के बाद से लंबित मुद्दों पर चर्चा करेंगे, और इस सदी में वैश्विक तापमान को 1.5 डिग्री सेल्सियस (2.7 फ़ारेनहाइट) से अधिक होने से रोकने के प्रयासों को तेज करने के तरीके खोजेंगे।

बैठक में लगभग 200 देशों के वार्ताकार 2015 के पेरिस जलवायु समझौते के बाद से लंबित मुद्दों पर चर्चा करेंगे, और इस सदी में वैश्विक तापमान को 1.5 डिग्री सेल्सियस (2.7 फ़ारेनहाइट) से अधिक होने से रोकने के प्रयासों को तेज करने के तरीके खोजेंगे।

वैज्ञानिकों का कहना है कि छह साल पहले फ्रांस की राजधानी में जिस लक्ष्य पर सहमति बनी थी, उसे हासिल करने की संभावना धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है।

वैश्विक तापमान पहले ही 1.1 डिग्री सेल्सियस हो चुका है और वर्तमान अनुमान के अनुसार वर्ष 2100 तक यह 2.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस तरह ग्लोबल वार्मिंग बढ़ने से ग्रह की बर्फ पिघल जाएगी, जिससे वैश्विक समुद्र स्तर बढ़ जाएगा। इसके चलते मौसम संबंधी गंभीर घटनाओं की आशंका और बढ़ जाएगी।

31 अक्टूबर से 12 नवंबर तक चलने वाले सम्मेलन के दौरान दशकों से एजेंडे में शामिल कई मुद्दों पर चर्चा की जानी है। इसमें एक मुद्दा यह भी है कि उत्सर्जन कम करने के लिये अमीर देश गरीब देशों की किस तरह मदद कर सकते हैं।

कार्रवाई की धीमी गति ने कई पर्यावरण प्रचारकों को नाराज कर दिया है। माना जा रहा है कि वे शिखर सम्मेलन के दौरान जोरदार और रचनात्मक रूप से अपना विरोध जाहिर करेंगे।

सम्मेलन के पहले दिन प्रक्रियात्मक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किये जाने की उम्मीद है।

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