देश की खबरें | केंद्रीय बजट : विपक्ष ने मध्यम वर्ग के साथ ‘विश्वासघात’ वाला, प्रधानमंत्री ने ‘जन हितैषी’ बताया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. विपक्ष ने मंगलवार को केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए इसे मध्यम वर्ग को राहत नहीं देकर उनके साथ ‘‘विश्वासघात’’ करने वाला बजट बताया, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेताओं ने इसे आत्म-निर्भर भारत के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने वाला ‘जन हितैषी’ बजट करार दिया।

नयी दिल्ली, एक फरवरी विपक्ष ने मंगलवार को केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए इसे मध्यम वर्ग को राहत नहीं देकर उनके साथ ‘‘विश्वासघात’’ करने वाला बजट बताया, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेताओं ने इसे आत्म-निर्भर भारत के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने वाला ‘जन हितैषी’ बजट करार दिया।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लोकसभा में बजट प्रस्तुत किये जाने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार के आर्थिक दस्तावेज पर तीखा हमला बोला, वहीं केंद्रीय मंत्रियों तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने इसे ‘दूरदृष्टि’ वाला बजट बताया।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस के अनेक नेताओं ने सीतारमण की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि ‘लॉलीपॉप बजट’ प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का ‘किसान विरोधी और गरीब विरोधी’ चेहरा सामने आ गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे ‘पेगासस स्पिन बजट’ कहा जिसमें बेरोजगारी और महंगाई से त्रस्त आम आदमी को कुछ भी राहत नहीं दी गयी।

प्रधानमंत्री मोदी ने बजट को आम जन के अनुकूल और प्रगतिशील करार देते हुए कहा कि सौ साल की भयंकर आपदा के बीच यह बजट विकास का नया विश्वास लेकर आया है।

उन्होंने एक वीडियो संदेश के जरिए बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट, अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ ही सामान्य जन के लिए अनेक नए अवसर बनाएगा।

भाजपा के आला नेताओं ने कहा कि यह बजट नरेंद्र मोदी सरकार की आत्म-निर्भर भारत के निर्माण की सोच को दर्शाता है।

भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कहा कि बजट में सामाजिक न्याय, समानता, सम्मान और समान अवसरों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह बजट भारतीय अर्थव्यवस्था का ‘‘स्केल’’ बदलने वाला साबित होगा।

शाह ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि ‘‘आत्मनिर्भर भारत का बजट’’ कोरोना वायरस महामारी के कारण वैश्विक आर्थिक जगत में उत्पन्न हुए अवसरों का दोहन करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने में सहायक होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘बजट का आकार बढ़ाकर 39.45 लाख करोड़ रुपये करना, कोरोना काल में भी भारत की तेज़ी से बढती अर्थव्यवस्था को दर्शाता है। राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.4 प्रतिशत करना बहुत बड़ी उपलब्धि है।’’

भाजपा के पूर्व अध्यक्ष एवं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह बजट ‘‘मेक इन इंडिया’’ को प्रोत्सहित करेगा, मांग को मजबूती देगा और एक मजबूत, समृद्ध और विश्वास से लबरेज भारत की क्षमताओं का विकास करेगा।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बजट की प्रशंसा करते हुए इसे देश में आधुनिक अवसंरचना को बढ़ावा देने वाला बजट करार दिया।

उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘यह देश में आधुनिक अवसंरचना को बढ़ावा देने वाला बजट है जो नए भारत की नींव रखेगा और 130 करोड़ भारतवासियों की ज़िंदगी बेहतर करेगा।’’

राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘मोदी सरकार के बजट में कुछ नहीं है। मध्यम वर्ग, वेतनभोगी वर्ग, गरीब और वंचित वर्ग, युवाओं, किसानों और एमएसएमई के लिए कुछ नहीं है।’’

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया, ‘‘राजकोषीय घाटा बहुत ही ज्यादा है... कॉरपोरेट कर घटाया। आम लोगों को राहत नहीं दी। वित्त मंत्री जी ने बजट भाषण के दौरान महाभारत का उल्लेख किया। मैं तो यही कहूंगा कि यह ‘द्रोणाचार्य और अर्जुन का बजट’ है, ‘एकलव्य का बजट’ नहीं है।’’

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘‘भारत का वेतनभोगी वर्ग एवं मध्यम वर्ग महामारी, वेतन में चौतरफा कटौती और कमरतोड़ महंगाई के इस दौर में राहत की उम्मीद कर रहा था। वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री ने एक बार फिर से अपने प्रत्यक्ष कर से संबंधित कदमों से इन वर्गों को बहुत निराश किया है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि यह वेतनभोगी वर्ग और मध्यम वर्ग के साथ विश्वासघात है।

सुरजेवाला ने यह सवाल भी किया कि क्या सरकार ने ‘क्रिप्टो करेंसी’ से होने वाली आय पर कर लगाकर ‘क्रिप्टो करेंसी’ को बिना विधेयक लाए ही वैध करार दिया है?

माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने ट्वीट किया, ‘‘बजट किसके लिए है? सबसे अमीर 10 प्रतिशत भारतीय देश की कुल संपत्ति के 75 प्रतिशत के स्वामी हैं। नीचे के 60 प्रतिशत लोग सिर्फ पांच प्रतिशत संपत्ति के मालिक हैं। महामारी के दौरान सबसे अधिक मुनाफा कमाने वालों पर अधिक कर क्यों नहीं लगाया गया?’’

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने ट्वीट किया, ‘‘बेरोजगारी और महंगाई से पिस रहे आम लोगों के लिए बजट में कुछ नहीं है । बड़ी-बड़ी बाते हैं और हकीकत में कुछ नहीं है। ‘पेगासस स्पिन बजट’ है।’’

तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डेरेक ओब्रायन ने दावा किया कि बजट से साबित होता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों, गरीबों और मध्य वर्ग की परवाह नहीं करते।

विपक्षी दल पेगासस जासूसी विवाद को लेकर संसद में सरकार को एकजुट होकर घेरने की तैयारी कर रहे हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स अखबार ने हाल में दावा किया है कि भारत ने 2017 में इजराइल के साथ रक्षा सौदे के तहत जासूसी स्पाइवेयर खरीदा था।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय बजट को ‘निराशाजनक’ बताते हुए कहा कि इसमें आम आदमी के लिए कुछ नहीं है।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने ट्वीट किया, ‘‘संसद में आज पेश केन्द्रीय बजट नए वादों के साथ जनता को लुभाने के लिए लाया गया है, जबकि गत वर्षों के वादों व पुरानी घोषणाओं आदि के अमल को भुला दिया गया है, यह कितना उचित। केन्द्र बढ़ती गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई व किसानों की आत्महत्या जैसी गंभीर चिन्ताओं से मुक्त क्यों?’’

पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने आरोप लगाया कि आज का बजट भाषण किसी भी वित्त मंत्री की ओर से पढ़ा गया अब तक सबसे ज्यादा पूंजीवादी भाषण था और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पूंजीवादी अर्थशास्त्र के शब्दजाल में महारत हासिल कर चुकी हैं।

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