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भारत सरकार के साथ मिलकर तटीय उन्नयन कर रहा है यूएनडीपी

यूएनडीपी राष्ट्रों के सतत् विकास के माध्यम से गरीबी खत्म करने और असमानता को कम करने के लिए काम करता है। इसने रविवार को सोशल मीडिया के मार्फत भारत सरकार, यूएनडीपी और हरित जलवायु कोष (जीसीएफ) द्वारा पिछले वर्ष 4.3 करोड़ डॉलर से शुरू की गई पहल का जिक्र किया।

भारत सरकार के साथ मिलकर तटीय उन्नयन कर रहा है यूएनडीपी
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कोच्चि, 27 अप्रैल भारत उन 27 देशों में शामिल है जो वैश्विक तापमान के कारण समुद्र के स्तर में बढ़ोतरी से बुरी तरह प्रभावित होगा और देश के तटों पर रहने वाले छह करोड़ लोगों को इसका खामियाजा भुगतना होगा। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने यह जानकारी दी।

यूएनडीपी राष्ट्रों के सतत् विकास के माध्यम से गरीबी खत्म करने और असमानता को कम करने के लिए काम करता है। इसने रविवार को सोशल मीडिया के मार्फत भारत सरकार, यूएनडीपी और हरित जलवायु कोष (जीसीएफ) द्वारा पिछले वर्ष 4.3 करोड़ डॉलर से शुरू की गई पहल का जिक्र किया।

इसने कहा कि छह वर्षों में आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र और ओडिशा में उन्नत तटीय सुरक्षा से एक करोड़ लोगों को लाभ होगा।

यूएनडीपी ने रविवार को एक ट्वीट में कहा, ‘‘भारत पूरी दुनिया में उन 27 देशों में शामिल है जो समुद्र के स्तर में बढ़ोतरी के कारण खतरे में हैं। समुद्र तटों के आसपास रहने वाले छह करोड़ से अधिक लोगों के घर और आजीविका पर खतरे की आशंका है। हम भारत सरकार और जीसीएफ के साथ मिलकर तटीय सुधार को बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं।’’

भारत सरकार, यूएनडीपी और जीसीएफ की संयुक्त पहल के माध्यम से 15 हजार हेक्टेयर में मैंग्रोव, कोरल रीफ, समुद्री घास आदि को बहाल करेगी और उनका संरक्षण किया जाएगा।

यूएनडीपी ने कहा कि इससे 35 लाख टन कार्बन उत्सर्जन कम होगा।

भारत में करीब 6740 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में मैंग्रोव हैं जिसमें दुनिया के सबसे बड़े मैंग्रोव जंगल भी शामिल हैं।

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 27, 2020 04:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).