विदेश की खबरें | यूक्रेन बातचीत में ‘विलंब किए बिना’ शांति चाहता है : जेलेंस्की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. उन्होंने यह घोषणा दोनों देशों के बीच अगले दौर की होने वाली संभावित वार्ता से पहले की। हालांकि, जेलेंस्की ने दोहराया कि केवल रूसी नेता से आमने सामने की वार्ता से ही युद्ध समाप्त हो सकता है।
उन्होंने यह घोषणा दोनों देशों के बीच अगले दौर की होने वाली संभावित वार्ता से पहले की। हालांकि, जेलेंस्की ने दोहराया कि केवल रूसी नेता से आमने सामने की वार्ता से ही युद्ध समाप्त हो सकता है।
एक स्वतंत्र रूसी मीडिया संस्थान को दिए साक्षात्कार में जेलेंस्की ने जोर देकर कहा कि यूक्रेन की प्राथमिकता अपनी संप्रभुता को सुनिश्चित करने और मॉस्को को उनके देश के हिस्से को अलग करने से रोकना है जिसके बारे में कुछ पश्चिमी देशों का कहना है कि यह रूस का लक्ष्य है। उन्होंने कहा लेकिन, ‘‘सुरक्षा गारंटी और तटस्थता, हमारे देश का गैर परमाणु दर्जा कायम रखने के लिए हम तैयार हैं।’’
जेलेंस्की ने पहले भी इन उपायों का सुझाव दिया था लेकिन इतने पुख्ता तरीके से अपनी बात नहीं की थी। जेलेंस्की की यह टिप्पणी तब आई है जब दोनों पक्षों ने कहा है कि मंगलवार को वार्ता बहाल होगी।
रूस लंबे समय से मांग कर रहा है कि यूक्रेन पश्चिम के नाटो गठबंधन में शामिल होने की उम्मीद छोड़ दे क्योंकि मॉस्को इसे अपने लिए खतरा मानता है।
जेलेंस्की ने कहा कि तटस्थता का मुद्दा, जिसमें यूक्रेन को नाटो या अन्य सैन्य गठबंधनों से अलग रखने का सवाल है, रूसी सैनिकों की वापसी के बाद यूक्रेनी जनता के सामने जनमत संग्रह के लिए रखा जाना चाहिए।
जेलेंस्की ने यह भी जोर देकर कहा कि किसी भी समझौते में उसे सुरक्षा की गारंटी चाहिए।
इस साक्षात्कार को रूस ने प्रकाशित करने पर रोक लगा दी है जिसमें जेलेंस्की ने कहा,‘‘हम रूसी संघ के राष्ट्रपति के साथ समझौता करेंगे और इस समझौते पर पहुंचने के लिए उन्हें बाहर आना होगा...और मुझसे मिलना होगा।’’
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने सोमवार को कहा कि दोनों देशों के राष्ट्रपति मिल सकते हैं लेकिन तभी जब संभावित समझौते के अहम बिंदुओं पर बातचीत हो जाए।
उन्होंने कहा, ‘‘बैठक आवश्यक है लेकिन पहले हमें एक बार सभी अहम मुद्दों के समाधान के बारे स्पष्ट हो जाएं।’’ लावरोव ने सर्वियन मीडिया को दिए साक्षात्कार में आरोप लगाया कि यूक्रेन केवल ‘‘अनुसरण वार्ता’’करना चाहता है जबकि रूस को ठोस नतीजे की जरूरत है।
जेलेंस्की ने अपने देश के लोगों के लिए रात को जारी वीडियो संदेश में कहा कि यूक्रेन वार्ता में ‘‘विलंब किए बिना’’शांति चाहता है जो इस सप्ताह तुर्की के इस्तांबुल में होने वाली है।
तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन के कार्यालय ने बताया कि तुर्की के नेता ने रविवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की और दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि रूस और यूक्रेन के अधिकारियों की इस्तांबुल में वार्ता होनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले वीडियो कांफ्रेंस तथा आमने-सामने की वार्ताएं युद्ध को रोकने के मुद्दे पर प्रगति करने में असफल रही थीं। इस युद्ध में अबतक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 40 लाख यूक्रेनी नागरिकों को विस्थापित होना पड़ा है।
इस बीच, यूक्रेन के सैन्य खुफिया विभाग के प्रमुख किरिलो बुदानोव ने आरोप लगाया है कि रूस यूक्रेन को उत्तर और दक्षिण कोरिया की तरह दो हिस्सों में बांटना चाहता है।
यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी बयान में बुदानोव ने कहा, ‘‘कब्जा करने वाले कब्जाए गए इलाके को एक अर्ध राज्य सरंचना बनाना चाहते हैं और इसका इस्तेमाल स्वतंत्र यूक्रेन के खिलाफ करना चाहते हैं।’’
उन्होंने पूर्वानुमान लगाया कि यूक्रेनियों द्वारा किए जा रहे छापमार युद्ध से ऐसी योजना पटरी से उतर सकती है।
इस बीच, यूक्रेन ने सैनिकों और उनके साजोसमान की आवाजाही की खबर देने पर रोक लगा दी है। इसका उल्लंघन करने पर संवाददाता को आठ साल कैद की सजा हो सकती हैं। इस मामले में यूक्रेन का कानून यूक्रेनी और विदेशी पत्रकार में फर्क नहीं करता।
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