विदेश की खबरें | यूक्रेन तनाव : रूस युद्ध शुरू नहीं करेगा, विदेश मंत्री लावरोव
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने एक दिन पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति को आगाह किया था कि इस बात की ‘‘स्पष्ट आशंका’’ है कि रूस फरवरी में उनके देश के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने एक दिन पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति को आगाह किया था कि इस बात की ‘‘स्पष्ट आशंका’’ है कि रूस फरवरी में उनके देश के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
विदेश मंत्री लावरोव ने रूसी रेडियो स्टेशन के साथ एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘जब तक यह रूसी संघ पर निर्भर करता है, तब तक युद्ध नहीं होगा, हम युद्ध नहीं चाहते हैं। लेकिन हम अपने हितों को बेरहमी से रौंदने और उनकी उपेक्षा नहीं करने देंगे।’’
रूस ने यूक्रेन की सीमा के पास 1,00,000 से अधिक सैनिकों का जमावड़ा कर रखा है जिससे इस क्षेत्र में युद्ध की आशंका तेज हो गई है। रूस ने लगातार इस बात से इनकार किया है कि वह यूक्रेन पर हमले की योजना बना रहा है, लेकिन अमेरिका और उसके नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) सहयोगियों का मानना है कि रूस युद्ध की ओर बढ़ रहा है तथा इसके लिए तैयारी कर रहा है। रूस की मुख्य मांगों में नाटो में यूक्रेन को शामिल नहीं करना और क्षेत्र से ऐसे हथियारों को हटाना शामिल है, जिससे रूस को खतरा हो सकता है।
लेकिन अमेरिका और नाटो रूस की मुख्य मांगों पर किसी भी तरह की रियायत को दृढ़ता से खारिज कर चुके हैं। हालांकि तनाव घटाने के लिए अमेरिका ने उन मुद्दों को रेखांकित किया है जिन पर वार्ता की जा सकती है। अब, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इन प्रस्तावों पर फैसला करेंगे और इससे यह तय होगा कि यूक्रेन पर हमला होगा या नहीं। इस बीच, क्रेमलिन (रूस के राष्ट्रपति कार्यालय) ने कहा है कि अमेरिका और नाटो की प्रतिक्रिया के बाद ‘‘उम्मीद की बहुत कम गुंजाइश बचती है।’’
लावरोव ने शुक्रवार को उल्लेख किया कि अमेरिका ने सुझाव दिया है कि दोनों पक्ष मध्यम दूरी की मिसाइलों की तैनाती की सीमा तय करने, सैन्य अभ्यास रोकने और युद्धपोतों, विमानों की दुर्घटनाओं को रोकने संबंधी नियमों को लेकर चर्चा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि रूस ने वर्षों पहले इन मुद्दों पर चर्चा करने का प्रस्ताव रखा था लेकिन अमेरिका और उसके सहयोगियों ने कभी भी इस पर ध्यान नहीं दिया।
विश्वास बहाली के उपायों पर बातचीत के लिए अमेरिका के प्रस्तावों को लावरोव ने तार्किक बताया लेकिन इस बात पर जोर दिया कि रूस की मुख्य चिंताएं नाटो के विस्तार और रूस की सीमाओं के पास गठबंधन के देशों के हथियारों की तैनाती को रोकना है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समझौते कहते हैं कि एक राष्ट्र की सुरक्षा दूसरों की कीमत पर नहीं होनी चाहिए और वह अपने पश्चिमी देशों के समकक्षों को उस दायित्व को निभाने के लिए पत्र भेजेंगे।
तनाव बढ़ने के साथ अमेरिका ने रूस को यूक्रेन पर हमला करने की स्थिति में कठोर प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है। संभावित प्रतिबंधों के बारे में पूछे जाने पर लावरोव ने कहा कि मास्को ने वाशिंगटन को आगाह कर दिया है उनका किसी भी तरह का कदम संबंधों को पूरी तरह से तोड़ने के समान होगा।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 28, 2022 05:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

