विदेश की खबरें | अपना अनाज दुनिया तक पहुंचाने का नया तरीका अपना रहा हे यूक्रेन
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

अनाज से भरे कार्गो को एक नये शिपिंग गलियारे के माध्यम से दुनिया के अन्य देशों तक पहुंचाने के प्रयास किये जा रहे हैं। युद्ध के दौरान खाद्यान्न के निर्यात की अनुमति देने संबंधी संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता वाले समझौते से रूस के हटने के बाद से निर्यात रुका था।

खाद्यान्न सुविधा केंद्र के महानिदेशक रोमन आंद्रेइकिव ने कहा, ‘‘यह कठिन था, लेकिन हम काम करते रहे... हमने यह रास्ता निकाला है कि हम अपने भागीदारों को आवश्यक खाद्यान्न की आपूर्ति कैसे करें।"

सेना द्वारा संरक्षित यूक्रेन के नये गलियारे ने अब उसे "गोदाम खाली करने और गतिविधि बढ़ाने" की अनुमति दे दी है।

रूसी हमले और काला सागर में उतरा रहे विस्फोटक पदार्थों के खतरे के बावजूद बड़ी संख्या में यूक्रेनी जहाज काला सागर स्थित बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं। इन जहाजों में अनाज, धातु और अन्य सामान लदे हैं।

ब्रिटेन की सरकार ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र और तुर्की की मध्यस्थता में किये गये समझौते से हटने के बाद, रूस ने यूक्रेन के काला सागर बंदरगाहों और अनाज के बुनियादी ढांचे पर हमला किया है, जिससे 10 लाख से अधिक लोगों को एक वर्ष तक खिलाने के लिए पर्याप्त अनाज नष्ट हो गया है।

रूस के अधिकारियों ने गलियारे पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन मॉस्को ने इस गर्मी में चेतावनी दी थी कि यूक्रेन के काला सागर बंदरगाहों की ओर जाने वाले जहाजों को हथियार ले जाते हुए माना जाएगा।

यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा कि सहयोगी देश काला सागर में उनके वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा में मदद के लिए अपने जहाज उपलब्ध कराने पर सहमत हुए थे, लेकिन वहां अधिक वायु रक्षा प्रणालियों की आवश्यकता थी।

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