विदेश की खबरें | सुनक की अमेरिका यात्रा के दौरान बैठक में यूक्रेन संकट को शीर्ष प्राथमिकता दिये जाने की संभावना

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. सुनक इस संदेश के साथ वाशिंगटन जा रहे हैं कि ‘ब्रेग्जिट’ (यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर निकलने) के बाद भी ब्रिटेन, अमेरिका का एक प्रमुख सहयोगी देश बना हुआ है।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

सुनक इस संदेश के साथ वाशिंगटन जा रहे हैं कि ‘ब्रेग्जिट’ (यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर निकलने) के बाद भी ब्रिटेन, अमेरिका का एक प्रमुख सहयोगी देश बना हुआ है।

ब्रिटिश सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि सुनक बैरी तत्वों से आपूर्ति लाइन को सुरक्षित रखने के तरीकों और सेमीकंडक्टर उत्पादन के जरिये बाजार पर चीन को कब्जा करने से रोकने पर चर्चा कर सकते हैं।

सुनक द्वारा उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के अगले प्रमुख के रूप में ब्रिटिश रक्षा मंत्री बेन वालेस के पक्ष में समर्थन जुटाये जाने की भी संभावना है। उल्लेखनीय है कि नाटो के मौजूदा महासचिव जेंस स्टोल्टेनबर्ग का सितंबर में कार्यकाल समाप्त हो रहा है।

अमेरिका और ब्रिटेन, यूक्रेन को सर्वाधिक सैन्य सहायता उपलब्ध कराने वाले दो शीर्ष देश हैं। यूक्रेन में जारी युद्ध, बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ व्हाइट हाउस में होने बैठक के दौरान सुनक के एजेंडे में शीर्ष पर होगा।

यूक्रेन में एक बांध टूटने की घटना के संबंध में, सुनक ने वाशिंगटन के लिए अपनी उड़ान के दौरान संवाददाताओं से कहा कि यह रूसी आक्रमण के एक और निम्नतम स्तर को प्रदर्शित करेगा।

ब्रिटेन और अमेरिका ने यू्क्रेन को एफ-16 लड़ाकू विमान उपलब्ध कराने की अंतरराष्ट्रीय कोशिशों में प्रमुख भूमिका निभाई है।

सुनक के पिछले साल अक्टूबर में प्रधानमंत्री का पदभार संभालने के बाद वाशिंगटन की यह पहली यात्रा है।

एपी

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