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जरुरी जानकारी | यूआईडीएआई आधार-समर्थित आंशिक सत्यापन पर कर रहा विचारः सीईओ

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सौरभ गर्ग ने मंगलवार को कहा कि प्राधिकरण ‘आंशिक सत्यापन’ को सक्षम बनाने वाले समाधानों पर गौर करने के लिए तैयार है।

जरुरी जानकारी | यूआईडीएआई आधार-समर्थित आंशिक सत्यापन पर कर रहा विचारः सीईओ

नयी दिल्ली, 11 जनवरी भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सौरभ गर्ग ने मंगलवार को कहा कि प्राधिकरण ‘आंशिक सत्यापन’ को सक्षम बनाने वाले समाधानों पर गौर करने के लिए तैयार है।

गर्ग ने ‘भारत डिजिटल सम्मेलन-2022’ को संबोधित करते हुए कहा कि यूआईडीएआई ऐसे समाधानों के बारे में उद्योग जगत की राय जानने को भी उत्सुक है। उन्होंने कहा, ‘हम आंशिक सत्यापन पर भी गौर करने को तैयार हैं। संभव है कि कुछ लोग सिर्फ उम्र की पुष्टि करना चाहते हों और उनका इससे ज्यादा जानकारी पाने का इरादा न हो।’’इस सम्मेलन का आयोजन इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) ने किया है।

आधार कार्ड जारी करने वाली संस्था आधार के अद्यतन संस्करण द्य‘आधार 2.0’ की तरफ कदम बढ़ा रही है और ब्लॉकचेन एवं क्वॉन्टम कंप्यूटिंग के इस्तेमाल की संभावनाओं पर भी गौर कर रही है।

यूआईडीएआई के प्रमुख ने कहा, ‘‘इन मुद्दों पर उद्योग जगत की राय जानने से ही पता चल पाएगा कि उनकी मांग किस तरह की है और हम उसके हिसाब से सुविधा मुहैया कर पाते हैं या नहीं।’’

उन्होंने कहा कि सिर्फ किसी व्यक्ति के खास इलाके का निवासी होने की पुष्टि के लिए भी सत्यापन की जरूरत पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की सेवाएं देने के लिए प्राधिकरण ने अभी तक समाधान नहीं विकसित किए हैं लेकिन इसके बारे में गौर करने के लिए तैयार है।

गर्ग ने कहा कि आधार नंबर के माध्यम से दैनिक स्तर पर पांच करोड़ से भी अधिक सत्यापन किए जा रहे हैं और हर महीने आधार-समर्थित भुगतान प्रणाली के जरिये 40 करोड़ से भी अधिक बैंकिंग लेनदेन किए जा रहे हैं।

उन्होंने ‘आधार 2.0’ का जिक्र करते हुए कहा कि इससे स्वचालित बायोमीट्रिक मिलान अधिक तेजी से किया जा सकेगा और यह अधिक सुरक्षित भी होगा। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण ब्लॉकचेन एवं क्वॉन्टम कंप्यूटिंग तकनीकों का अधिकतम फायदा उठाने के बारे में भी सोच रहा है।

गर्ग ने कहा, ‘हम देख रहे हैं कि ब्लॉकचेन से क्या मदद मिल सकती है और विकेंद्रित समाधान मुहैया कराने में क्या इसका कोई उपयोग किया जा सकता है? यह भविष्य के गर्भ में है लेकिन हमारी नजर इस पर है। वहीं क्वॉन्टम कंप्यूटिंग के बारे में हमें यह देखना है कि इससे जुड़े क्या सुरक्षा समाधान लाए जा सकते हैं?’’

उन्होंने कहा कि सुरक्षा से जुड़े पहलू यूआईडीएआई के लिए सबसे अहम हैं। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण आधार से जुड़े लोगों की जानकारी को सुरक्षित रखने और साइबर सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 11, 2022 03:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).