देश की खबरें | यूजीसी की टीम ने यादवपुर विश्वविद्यालय का दौरा कर रैगिंग रोधी कदमों का जायजा लिया

कोलकाता, चार सितंबर यादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) के छात्रावास में करीब एक माह पहले हुई एक छात्र की मौत के बाद सोमवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की एक टीम ने विश्वविद्यालय का दौरा किया और परिसर में रैगिंग को रोकने के लिए उठाए गए कदमों का जायजा लिया।

जेयू के कार्यवाहक कुलपति बुद्धदेव साव ने बताया कि यूजीसी की चार सदस्यीय को टीम रैगिंग जैसी घटनाओं को रोकने के लिए परिसर में उपलब्ध बुनियादी ढांचे का निरीक्षण और विश्वविद्यालय के अधिकारियों तथा अन्य हितधारकों के साथ बातचीत करना है।

इसके साथ ही टीम उस मुख्य छात्रावास का भी दौरान करेगी, जहां स्नातक प्रथम वर्ष के छात्र के साथ कथित तौर रैगिंग की गई थी और 10 अगस्त को उसकी मौत हो गई थी।

साव ने बताया कि यूजीसी ने विश्वविद्यालय द्वारा रैगिंग विरोधी दिशानिर्देशों का पालन किया जा रहा है या नहीं, इसको लेकर कई सवाल किए। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द इसका एक विस्तृत जवाब भेजा जाएगा।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, परिसर में पहले से ही सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ और स्थानों पर भी कैमरे लगाए जाएंगे तथा इस काम के लिए पहले से ही कदम उठाए जा चुके हैं।

उन्होंने यह भी कहा विवरण यूजीसी टीम के साथ साझा किया जाएगा।

यूसीटी की टीम में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन (एनआईईपीए) की कुलपति शशिकला वंजारी, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय (मोतिहारी) के कुलपति संजय श्रीवास्तव, राष्ट्रीय प्रौद्योगिक संस्थान (दुर्गापुर) के एसोसिएट प्रोफेसर जॉयदीप बनर्जी और यूजीसी के संयुक्त सचिव विपिन कौशल शामिल थे।

यूजीसी ने इससे पहले छात्र की मौत के बाद विश्वविद्यालय परिसर में रैगिंग रोकने के लिए उठाए गए कदमों को लेकर जेयू की ओर से भेजी गई रिपोर्ट पर अप्रसन्नता जताई थी।

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