देश की खबरें | केरल के पुतुप्पली उपचुनाव में यूडीएफ के चांडी ओमन जीते, माकपा को बड़ा झटका

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कोट्टायम (केरल), आठ सितंबर केरल में कांग्रेस उम्मीदवार चांडी ओमन ने सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को करारा झटका देते हुए पुतुप्पली विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में हुए उपचुनाव में शुक्रवार को जीत हासिल कर कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के लिए सीट बरकरार रखी।

चांडी ओमन के पिता एवं पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी 50 साल से भी अधिक समय तक इस सीट से विधायक रहे थे।

चांडी ओमन ने उपचुनाव में अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के जैक सी थॉमस को भारी अंतर से हराया।

चांडी ओमन (37) ने उपचुनाव में थॉमस को 37,719 मतों के अंतर से शिकस्त दी। पुतुप्पली उपचुनाव के लिए कांग्रेस, माकपा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शीर्ष नेताओं ने अपनी-अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया था।

उपचुनाव में चांडी ओमन को जहां 80,144 वोट मिले, वहीं थॉमस को केवल 42,425 वोट ही मिल सके।

हालांकि भाजपा नेतृत्व ने राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उपचुनाव में अच्छे प्रदर्शन का भरोसा जताया था, लेकिन पार्टी मुकाबले में पीछे रही।

भाजपा उम्मीदवार लिजिन लाल को कुल 6,558 वोट मिले और वह एलडीएफ उम्मीदवार से पीछे रहकर तीसरे स्थान पर रहे।

विशेषज्ञों के मुताबिक, उपचुनाव का परिणाम उम्मीद के मुताबिक ही रहा और ओमन चांडी के निधन के कारण कांग्रेस को मतदाताओं की सहानुभूति प्राप्त हुई।

उपचुनाव का परिणाम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह लोकसभा चुनाव से कुछ महीने पहले हुआ है।

शुरुआत से ही स्पष्ट बढ़त बनाए रखते हुए चांडी ओमन ने बड़े अंतर से जीत हासिल की।

माकपा के उम्मीदवार थॉमस मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्र में एलडीएफ द्वारा नियंत्रित पंचायतों में भी पकड़ बनाने में विफल रहे।

कांग्रेस ने ओमन की जीत पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि परिणाम एलडीएफ के कुशासन के खिलाफ जीत है और कांग्रेस के लिए 100 प्रतिशत राजनीतिक जीत है।

सत्तारूढ़ माकपा ने कहा कि ओमन चांडी के निधन के कारण कांग्रेस को सहानुभूति मिली है।

चांडी ओमन ने संवाददाताओं से कहा कि यह वह नहीं, बल्कि खुद ओमन चांडी थे जिन्होंने ऐतिहासिक अंतर से उपचुनाव जीता है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरे अप्पा (पिता) की जीत है। पुतुप्पली के लोगों ने उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया है।’’

वह स्थानीय चर्च में अपने पिता की कब्र पर भी गए और अपनी जीत सुनिश्चित करने के बाद प्रार्थना की।

केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) ने पुतुप्पली के लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रमुख उपचुनाव में पार्टी उम्मीदवार की जीत राज्य में वामपंथी सरकार के कुशासन के खिलाफ एक सबूत है।

केपीसीसी प्रमुख के. सुधाकरन ने कहा कि इससे यूडीएफ मजबूत होगा और यह वाम मोर्चे के लिए झटका है।

उन्होंने कहा, ‘‘सभी राजनीतिक दलों के लोगों ने हमें वोट दिया। यह कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के लिए 100 प्रतिशत राजनीतिक जीत है। यह जीत मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के अहंकार और निरंकुश शासन के खिलाफ है।’’

माकपा के प्रदेश सचिव एम वी गोविंदन ने कांग्रेस की इस जीत को सहानुभूति का परिणाम करार देते हुए कहा कि पार्टी इस हार को आगामी चुनावों के लिए और अधिक तैयार रहने का एक सबक मानेगी।

गोविंदन ने कहा, ‘‘चांडी ओमन ने खुद कहा है कि ये ओमन चांडी की लगातार 13वीं जीत है। यह सच है, और यह ओमन चांडी के लिए सहानुभूति का परिणाम है, जो 53 वर्षों तक इस सीट से विधायक रहे।’’

इस बीच, चांडी ओमन की मां मरियम्मा, बहनों-अचू और मारिया ने भी अपने भाई की शानदार जीत पर खुशी जताई।

इस बीच, भाजपा ने कहा कि यूडीएफ की जीत पूरी तरह से ओमन चांडी के पक्ष में सहानुभूति लहर पर आधारित है और वाम सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी भावना का भी परिणाम है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में पार्टी के मतों में गिरावट मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व वाली सरकार को करारा जवाब देने की लोगों की इच्छा के कारण है।

सुरेंद्रन ने कहा, ‘‘ओमन चांडी कांग्रेस के कद्दावर नेता थे, जो लगातार 53 वर्षों तक इस क्षेत्र से विधायक रहे। तो एक सहानुभूति लहर थी। इसके अलावा, लोग मौजूदा राज्य सरकार से नाखुश थे, और उन्हें सबक सिखाने के लिए इस अवसर का उपयोग किया। ’’

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