देश की खबरें | भाजपा के 'एक हैं तो सेफ हैं' नारे पर उद्धव का तंज, कहा: भारत और बांग्लादेश में मंदिर सुरक्षित नहीं
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मुंबई, 13 दिसंबर शिवसेना (उबाठा) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को हिंदुत्व के मुद्दे पर भाजपा को घेरने की कोशिश करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को संसद को बताना चाहिए कि बांग्लादेश में हिंसक हमलों का सामना कर रहे अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा के लिए वह (सरकार) क्या कदम उठा रही है।
मुंबई में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना करते हुए कहा कि उसका हिंदुत्व केवल वोट (जुटाने) के लिए है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दादर स्टेशन के बाहर हनुमान मंदिर को गिराने के लिए रेलवे द्वारा जारी नोटिस का उल्लेख करते हुए कहा कि 80 साल पुराने मंदिर को गिराने के लिए 'फतवा' जारी किया गया है।
पिछले महीने विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान भाजपा द्वारा जमकर इस्तेमाल किये गये नारे “एक हैं तो सेफ हैं” को लेकर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पार्टी के शासन में मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने पलटवार करते हुए कहा कि जिन लोगों ने सत्ता के लिए हिंदुत्व को त्यागकर कांग्रेस से गठबंधन कर लिया, वे अब हिंदुओं की सुरक्षा की बात कर रहे हैं।
ठाकरे के हिंदुत्व को "फर्जी" करार देते हुए बावनकुले ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान (अप्रैल 2020 में) पालघर जिले में भीड़ ने दो साधुओं की हत्या कर दी थी और पूरे राज्य ने उनके "हिंदुत्व विरोधी" रुख को देखा था।
संवाददाताओं से बातचीत के दौरान ठाकरे ने कहा कि पांच अगस्त को तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से हटाए जाने के बाद बांग्लादेश में मंदिरों को नष्ट किया जा रहा है और हिंदुओं व अन्य अल्पसंख्यक समूहों को हिंसक हमलों का सामना करना पड़ा है।
ठाकरे ने पूछा, "बांग्लादेश में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच भागकर आई शेख हसीना भारत में सुरक्षित हैं, लेकिन पड़ोसी देश में हिंदुओं का क्या?"
शिवसेना (उबाठा) नेता ने कहा, "प्रधानमंत्री (नरेन्द्र) मोदी को संसद को बताना चाहिए कि बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा के लिए भारत क्या कदम उठा रहा है।"
महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में ठाकरे की पार्टी को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि भाजपा उनकी पार्टी पर हिंदुत्व छोड़ने का आरोप लगाती है, लेकिन भारत के साथ-साथ बांग्लादेश में भी मंदिर सुरक्षित नहीं हैं।
उन्होंने कहा, "केंद्र को बताना चाहिए कि (बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले रोकने के लिए) क्या कदम उठाए जा रहे हैं। उन्हें (सरकार को) संसद में सभी चर्चाओं को एक तरफ रखकर इस मुद्दे (हिंदुओं पर हमले) पर बहस करनी चाहिए।"
मौजूदा समय में संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है।
ठाकरे ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री रूस-यूक्रेन युद्ध रुकवा सकते हैं तो उन्हें बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार भी रुकवाने चाहिए।
ठाकरे ने कहा, "भाजपा ने नारा दिया था 'बंटेंगे तो कटेंगे', जिसके कारण हिंदुओं ने आपको (राज्य चुनावों में) वोट दिया। लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं।"
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुरोध के बावजूद मोदी शिवसेना सांसदों को इस मामले पर चर्चा करने के लिए समय नहीं दे पाए हैं।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बावनकुले ने ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि जब केंद्र ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) लागू किया तो शिवसेना (यूबीटी) ने डरपोक जैसा रुख अपनाया।
इस अधिनियम का उद्देश्य पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न के आधार पर हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान करना है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए हिंदुत्व राजनीति नहीं बल्कि आस्था का विषय है।
बावनकुले ने कहा कि जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हिंदुत्व विचारक वीडी सावरकर पर निशाना साधा तब शिवसेना (उबाठा) ने इसकी निंदा में एक शब्द तक नहीं कहा।
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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 13, 2024 06:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

