विदेश की खबरें | यूएई की शीर्ष अदालत ने असंतुष्टों को सामूहिक मुकदमे में सुनाई गई सजा को बरकरार रखा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. संयुक्त अरब अमीरात के संघीय उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को एक सामूहिक मुकदमे में दोषी ठहराए गए दर्जनों असंतुष्टों की अपीलों को खारिज कर दिया।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

दुबई, चार मार्च संयुक्त अरब अमीरात के संघीय उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को एक सामूहिक मुकदमे में दोषी ठहराए गए दर्जनों असंतुष्टों की अपीलों को खारिज कर दिया।

अमीरात की सरकारी समाचार एजेंसी ‘डब्ल्यूएएम’ ने उच्चतम न्यायालय के राज्य सुरक्षा चैंबर के निर्णय की खबर दी, जिसमें अभियोजकों द्वारा अलग से की गई अपील पर फैसला सुनाने के लिए आठ अप्रैल तक प्रतीक्षा करने का निर्णय लिया गया।

डब्ल्यूएएम ने अपनी खबर में यह नहीं बताया है कि अदालत ने अपील को क्यों खारिज कर दिया।

निचली अदालत ने 2024 में दिये प्रारंभिक फैसले में 43 लोगों को आजीवन कारावास की सजा दी गई, जबकि पांच प्रतिवादियों को 15-15 साल की सजा और अन्य पांच को 10-10 साल की सजा सुनाई थी।

यूएई सरकार ने इस मामले को मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़ा बताया है, जो एक अखिल इस्लामी संगठन है और अमीरात ने उसे आतंकवादी समूह घोषित किया है। हालांकि, कार्यकर्ताओं ने इस मामले की निंदा करते हुए कहा कि इसमें उन असंतुष्टों को निशाना बनाया जा रहा है, जिसने 2023 में दुबई में आयोजित सीओपी28 संयुक्त राष्ट्र जलवायु वार्ता के दौरान ध्यान आकर्षित किया और विरोध प्रदर्शन देखने को मिला।

यूएई ने जिन लोगों को सजा सुनाई गई है उनकी पहचान नहीं बताई है, लेकिन आजीवन कारावास की सजा पाने वालों में कार्यकर्ता नासिर बिन गैथ भी शामिल हैं, जो अगस्त 2015 से अपने सोशल मीडिया पोस्ट के कारण हिरासत में हैं।

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