विदेश की खबरें | काबुल हवाई अड्डे के बाहर दो आत्मघाती हमले, 13 लोगों की मौत: रूस
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. यह विस्फोट ऐसे समय हुआ है, जब अफगानिस्तान पर तालिबान के नियंत्रण के बाद से हजारों अफगान देश से निकलने की कोशिश कर रहे हैं और पिछले कई दिनों से हवाई अड्डे पर जमा हैं। काबुल हवाईअड्डे से बड़े स्तर पर लोगों की निकासी अभियान के बीच पश्चिमी देशों ने हमले की आशंका जतायी थी। इससे पहले दिन में कई देशों ने लोगों से हवाईअड्डे से दूर रहने की अपील की थी क्योंकि वहां आत्मघाती हमले की आशंकर जतायी गई थी। हमले के पीछे आईएसआईएस का हाथ होने की संभावना जताई गई है।
यह विस्फोट ऐसे समय हुआ है, जब अफगानिस्तान पर तालिबान के नियंत्रण के बाद से हजारों अफगान देश से निकलने की कोशिश कर रहे हैं और पिछले कई दिनों से हवाई अड्डे पर जमा हैं। काबुल हवाईअड्डे से बड़े स्तर पर लोगों की निकासी अभियान के बीच पश्चिमी देशों ने हमले की आशंका जतायी थी। इससे पहले दिन में कई देशों ने लोगों से हवाईअड्डे से दूर रहने की अपील की थी क्योंकि वहां आत्मघाती हमले की आशंकर जतायी गई थी। हमले के पीछे आईएसआईएस का हाथ होने की संभावना जताई गई है।
काबुल हवाईअड्डे पर हुए हमले की पुष्टि अमेरिका के रक्षा विभाग पेंटागन ने भी की थी। हालांकि, रूस के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर इस हमले में हताहतों के संबंध में जानकारी साझा की है।
अमेरिकी अधिकारियों ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया है कि इस हमले में कई अमेरिकी कर्मचारी भी घायल हुए हैं।
पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि एक धमाका हवाईअड्डे के प्रवेश द्वार के पास हुआ जबकि दूसरा एक होटल से कुछ दूरी पर हुआ।
एक अफगानिस्तानी व्यक्ति ने कहा कि काबुल हवाईअड्डे के एक द्वार के बाहर इंतजार कर रही भीड़ के बीच हुए धमाके के बाद उसे कुछ लोग मृत या घायल नजर आए। घटनास्थल के पास मौजूद अदम खान ने कहा कि धमाके के बाद कुछ लोग मृत और घायल नजर आ रहे थे तथा कुछ लोगों के अंगभंग हो गए थे।
इस बीच, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि पिछले कुछ घंटे पहले हुए धमाकों के कारण काबुल हवाईअड्डे के पास हालात गंभीर रूप से बिगड़े हैं।
आयरलैंड के डबलिन में अपने दौरे के दौरान एक प्रेसवार्ता में मैक्रों ने कहा, '' हम एक अत्यंत तनावपूर्ण स्थिति का सामना कर रहे हैं, ऐसे में हमें अपने अमेरिकी सहयोगियों के साथ समन्वय करना चाहिए। हवाईअड्डे पर हालात अनुकूल रहने तक फ्रांस अपने नागरिकों, अन्य सहयोगी देशों के लोगों और अफगानों को निकालना जारी रखेगा।''
पिछले सप्ताह के दौरान इस युद्धग्रस्त देश से निकलने के लिए हवाईअड्डे पर अफरा-तफरी जैसा माहौल देखने को मिला था। अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद से तालिबान के क्रूर शासन की आशंका के चलते तमाम लोग देश छोड़ने को आतुर नजर आ रहे हैं।
कुछ देश पहले ही अफगानिस्तान से लोगों को निकालने का अभियान समाप्त कर चुके हैं और अपने सैनिकों और राजनयिकों को निकालना शुरू कर चुके हैं। तालिबान ने तय समयसीमा में निकासी अभियान के दौरान पश्चिमी बलों पर हमला नहीं करने का संकल्प जताया था। हालांकि, यह भी दोहराया है कि अमेरिका द्वारा 31 अगस्त की तय समयसीमा में सभी विदेशी सैनिकों को देश छोड़ना होगा।
ब्रिटिश सरकार ने बृहस्पतिवार को चेतावनी दी कि इस्लामिक स्टेट (आईएस या आईएसआईएस) के आतंकवादियों द्वारा अफगानिस्तान में काबुल हवाई अड्डे पर जमा लोगों को निशाना बनाकर ‘आसन्न’ हमला किए जाने की ‘बहुत विश्वसनीय’ खुफिया रिपोर्ट है।
ब्रिटिश सशस्त्र बल मंत्री जेम्स हेप्पी ने दिन की शुरुआत में बीबीसी से कहा कि ‘बहुत विश्वसनीय’ खुफिया सूचना है कि अफगानिस्तान छोड़ने की कोशिश में काबुल हवाई अड्डे पर जमा हुए लोगों पर इस्लामिक स्ट्टेट जल्द ही हमला करने की योजना बना रहा है।
पश्चिमी देशों की तरफ से हमले की आशंका जताए जाने के कुछ ही घंटे बाद धमाके की यह जानकारी सामने आई है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 26, 2021 09:31 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

