जरुरी जानकारी | पश्चिम बंगाल में सप्ताह में दो दिन लॉकडाउन से जूट उद्योग पर पड़ सकता है असर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. पश्चिम बंगाल में कोविड-19 के तेजी से बढ़ते मामलों के कारण लगाए गए लॉकडाउन से जूट उद्योग के प्रभावित होने की आशंका है।
कोलकाता, 22 जुलाई पश्चिम बंगाल में कोविड-19 के तेजी से बढ़ते मामलों के कारण लगाए गए लॉकडाउन से जूट उद्योग के प्रभावित होने की आशंका है।
राज्य प्रशासन ने कोविड-19 संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामलों के देखते हुए पूरे राज्य में सप्ताह में दो दिन- गुरुवार और शनिवार को लॉकडाउन लागू करने का फैसला किया है।
इस बार यह लॉकडाउन 23 जुलाई और 25 जुलाई को होगा।
पश्चिम बंगाल में मंगलवार तक संक्रमण के कुल 47,030 मामले सामने आ चुके थे और इस बीमारी से 1,182 लोगों की मौत हो गई है।
राज्य सरकार की अधिसूचना के मुताबिक इस दौरान जूट मिल का मुख्य द्वार बंद रहेगा और किसी भी मजदूर को अंदर आने या जाने की इजाजत नहीं होगी।
हालांकि, राज्य प्रशासन ने कहा है कि लॉकडाउन की अवधि के दौरान यदि मजदूर अंदर ही रहते हैं, तो उन्हें काम करने की इजाजत दी जाएगी।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि लॉकडाउन के दिनों में जूट मिलें बंद रहेंगी, लेकिन यदि कारखाने के कर्मचारी परिसर के अंदर हैं, तो काम करने की अनुमति दी जाएगी।
हालांकि जूट मिल मालिकों का कहना है कि इसके लिए उन्हें अतिरिक्त लागत वहन करनी होगी, क्योंकि मजदूरों के रहने और खाने का इंतजाम उन्हें ही करना होगा।
उद्योग सूत्रों ने कहा कि इसके अलावा यदि मजदूर पूरे समय परिसर के अंदर ही साथ में रहते हैं, तो कोविड-19 संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ जाएगा।
गौरतलब है कि जूट मिलों को 24 मार्च को बंद करने के बाद एक जून से दोबारा पूरी तरह कामकाज की अनुमति दी गई थी।
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