देश की खबरें | दिल्ली के दो साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन धोखाधड़ी से अर्जित 4,900 रुपये विदेश भेजे : ईडी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि दिल्ली के दो साइबर अपराधियों ने विशेष आर्थिक जोन (एसईजेड) सुविधाओं का ‘‘दुरुपयोग’’ करके ऑनलाइन धोखाधड़ी से अर्जित 4,900 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि विदेश भेजी।

नयी दिल्ली, 23 जनवरी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि दिल्ली के दो साइबर अपराधियों ने विशेष आर्थिक जोन (एसईजेड) सुविधाओं का ‘‘दुरुपयोग’’ करके ऑनलाइन धोखाधड़ी से अर्जित 4,900 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि विदेश भेजी।

ईडी ने मामले की जांच के तहत दोनों आरोपियों-मोती नगर निवासी पुनीत माहेश्वरी उर्फ ​​​​जॉन और ग्रेटर कैलाश निवासी आशीष कक्कड़ उर्फ ​​​​पाब्लो को पिछले साल गिरफ्तार किया था।

जांच एजेंसी ने 17 जनवरी को एक बयान में कहा कि दिल्ली में दो लोगों और उनके परिजनों के मलिकाना हक वाले नौ आवासीय फ्लैट और हरियाणा के रेवाड़ी में कृषि भूमि के एक हिस्से को कुर्क करने के लिए एक अनंतिम आदेश जारी किया गया है।

ईडी ने कहा कि उसने अंशकालिक नौकरी के नाम पर ठगी, ऑनलाइन शॉपिंग धोखाधड़ी, फर्जी ऋण वितरण, ऑनलाइन गेमिंग धोखाधड़ी और फर्जी बहु-स्तरीय मार्केटिंग योजनाओं में निवेश जैसे अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ देशभर में दर्ज कई प्राथमिकियों का संज्ञान लेने के बाद मामले की जांच शुरू की।

जांच एजेंसी के मुताबिक, इन ‘‘घोटालों’’ को कुराकाओ, माल्टा और साइप्रस जैसे द्वीपीय देशों में स्थित कंपनियों द्वारा ‘‘धोखाधड़ी’’ के इरादे से तैयार विभिन्न वेबसाइट, मोबाइल ऐप और सट्टेबाजी वेबसाइट के माध्यम से अंजाम दिया गया।

ईडी ने कहा कि दोनों आरोपियों के नाम पर पंजीकृत 200 से अधिक कंपनियों का इस्तेमाल अपराध की आय की ‘‘लेयरिंग’’ (विभिन्न स्रोत का इस्तेमाल कर धन के प्रवाह का पता लगाने की प्रक्रिया को अधिक कठिन बनाना) के लिए किया गया था।

जांच एजेंसी ने बताया कि ये कंपनियां आरोपियों के कर्मचारियों जैसे ऑफिस बॉय, ड्राइवर और सफाई कर्मचारी के नाम पर भी पंजीकृत थीं। इसने बताया कि आरोपी दस्तावेजों पर इन कर्मचारियों के दस्तखेत करवाते थे और फिर कंपनियों तथा उनसे जुड़े बैंक खातों के संचालन के लिए उनका ‘‘दुरुपयोग’’ करते थे।

ईडी ने आरोप लगाया कि साइबर अपराध से अर्जित रकम को भारत से बाहर भेजने के लिए दोनों आरोपियों (पुनीत माहेश्वरी उर्फ ​​​​जॉन और आशीष कक्कड़ उर्फ ​​​​पाब्लो) ने जीएसटी पंजीकरण और संबंधित निर्यात-आयात अनुमतियां प्राप्त करके एसईजेड सुविधाओं का ‘‘दुरुपयोग’’ किया।

जांच एजेंसी ने कहा कि दोनों आरोपियों ने मुंद्रा और कांडला जैसे एसईजेड के माध्यम से दुबई, हांगकांग और चीन जैसे देशों से गुलाब के तेल और सौर पैनल उपकरण जैसे अत्यधिक ‘‘कीमती’’ सामान (जिनकी कीमत 5,000 गुना तक बढ़ाई गईं) का आयात किया और आयात के नाम पर ‘‘बड़े पैमाने पर अवैध राशि विदेश भेजी।’’

ईडी ने आरोप लगाया कि इसके बाद उसी सामान का फिर से निर्यात किया गया (बिना किसी प्रसंस्करण के), लेकिन इस निर्यात के बदले कोई राशि प्राप्त नहीं की गई।

जांच एजेंसी ने कहा, ‘‘आशीष कक्कड़ और पुनीत कुमार ने इस तरह का लेनदेन करके साइबर धोखाधड़ी से अर्जित धन को वैध बनाकर 4,978 करोड़ रुपये विदेश भेजे।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\