एजेंसी न्यूज

विदेश की खबरें | तुर्किये: मोहम्मद पैगंबर पर कार्टून विवाद को लेकर पत्रिका के तीन और कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. लेमैन पत्रिका में प्रकाशित इस कार्टून की सरकारी अधिकारियों ने कड़ी निंदा की थी। उन्होंने कहा कि यह कार्टून पैगंबर मोहम्मद को लक्ष्य कर बनाया गया है। इसके कारण पत्रिका के इस्तांबुल कार्यालय के बाहर लोगों ने आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया।

विदेश की खबरें | तुर्किये: मोहम्मद पैगंबर पर कार्टून विवाद को लेकर पत्रिका के तीन और कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

लेमैन पत्रिका में प्रकाशित इस कार्टून की सरकारी अधिकारियों ने कड़ी निंदा की थी। उन्होंने कहा कि यह कार्टून पैगंबर मोहम्मद को लक्ष्य कर बनाया गया है। इसके कारण पत्रिका के इस्तांबुल कार्यालय के बाहर लोगों ने आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया।

लेमैन ने सोमवार देर रात एक बयान में इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि इस चित्र का उद्देश्य मोहम्मद नामक एक मुस्लिम व्यक्ति को चित्रित करना और मुसलमानों की पीड़ा को उजागर करना था।

सरकार समर्थक ‘येनी सफाक’ अखबार में प्रकाशित खबर में लिखा गया कि कार्टून में दो आकृतियां दिखाई गईं, जो कथित तौर पर पैगंबर मोहम्मद और पैगंबर मूसा की थीं। उनके सिर पर पंख और प्रभामंडल (हेलो) बने हुए हैं। वे आकाश में एक-दूसरे से हाथ मिला रहे हैं, जबकि नीचे युद्ध का दृश्य दिखाया गया है जिसमें बम बरस रहे हैं।’’

स्वतंत्र समाचार पत्र ‘बिरगुन’ ने हालांकि कहा कि आकाश में मंडराती पंखों वाली आकृतियों को कुछ लोगों ने पैगम्बर मुहम्मद और मूसा समझ लिया है।

अधिकारियों ने उक्त पत्रिका के खिलाफ सोमवार को “धार्मिक मूल्यों का सार्वजनिक रूप से अपमान” करने के आरोप में जांच शुरू की और कार्टूनिस्ट डोगन पहलवान को उनके घर से हिरासत में ले लिया।

तुर्किये की सरकारी एजेंसी अनादोलु की खबर में बताया गया कि रात में ही लेमैन के प्रमुख संपादक जफर अकनार, ग्राफिक डिज़ाइनर सेब्राइल ओक्कू और प्रबंधक अली यावुज़ को भी हिरासत में ले लिया गया।

एक इस्लामी समूह से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने सोमवार देर रात को मध्य इस्तांबुल में लेमैन के मुख्यालय पर पत्थर फेंके और पुलिस के साथ हाथापाई की।

प्रकाशन ने इस कार्टून से लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचने के लिए माफी मांगी, लेकिन साथ ही उसने अधिकारियों से इसे बदनाम करने वाला अभियान करार देते हुए इसके खिलाफ कार्रवाई करने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करने का भी आह्वान किया।

तुर्किये के गृह मंत्री अली येरलिकाया द्वारा साझा किए गए वीडियो में पहलवान और यावुज को जबरन उनके घरों से ले जाते तथा उनके हाथों को उनकी पीठ के पीछे कर हथकड़ी लगाए हुए दिखाया गया।

येरलिकाया ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, ‘‘इन बेशर्म लोगों को कानून के सामने जवाबदेह ठहराया जाएगा।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 01, 2025 05:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).