विदेश की खबरें | ट्रंप का मार-ए-लागो से बरामद दस्तावेजों की समीक्षा के लिए ‘विशेष मास्टर’ नियुक्त करने का आग्रह
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. गौरतलब है कि एफबीआई ने ट्रंप के मार-ए-लागो आवास पर छापा मारकर वहां से गोपनीय दस्तावेज बरामद करने का दावा किया है। इस कार्रवाई के बाद पहली बार ट्रंप के कानूनी दल ने अर्जी दायर की है।
गौरतलब है कि एफबीआई ने ट्रंप के मार-ए-लागो आवास पर छापा मारकर वहां से गोपनीय दस्तावेज बरामद करने का दावा किया है। इस कार्रवाई के बाद पहली बार ट्रंप के कानूनी दल ने अर्जी दायर की है।
यह अर्जी ऐसे वक्त में दाखिल की गयी है जब ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की खबर के मुताबिक, सरकार ने ट्रंप के पद छोड़ने के बाद से मार-ए-लागो से 300 से ज्यादा गोपनीय दस्तावेज बरामद किए हैं।
दरअसल, ‘विशेष मास्टर’ को मार-ए-लागो से बरामद दस्तावेजों का निरीक्षण करने का जिम्मा सौंपा जाएगा तथा उन लोगों को अलग किया जाएगा जिन्हें विशेषाधिकार प्राप्त हैं। इन विशेषाधिकारों के तहत राष्ट्रपतियों को कुछ जानकारियां जनता से छिपाने का अधिकार मिलता है। पहले के कुछ हाई-प्रोफाइल मामलों में यह भूमिका किसी पूर्व न्यायाधीश ने निभायी है।
एक ‘विशेष मास्टर’ आम तौर पर एक अधीनस्थ अधिकारी होता है जिसे यह सुनिश्चित करने के लिए एक न्यायाधीश द्वारा नियुक्त किया जाता है कि न्यायिक आदेशों का वास्तव में पालन किया जाए। वह न्यायाधीश की ओर से साक्ष्य सुन सकता है और किसी मामले के निस्तारण के लिए न्यायाधीश को सिफारिशें भी कर सकता है।
ट्रंप के वकीलों ने सोमवार को दलील दी कि पूर्व राष्ट्रपति को उनके घर से बरामद किए गए दस्तावेजों का अधिक विस्तार में विवरण दिया जाना चाहिए और उन्होंने आरोप लगाया कि एफबीआई तथा न्याय विभाग उनके साथ लंबे समय से ‘‘गलत’’ बर्ताव कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘कानून प्रवर्तन एजेंसियां एक ढाल हैं जो अमेरिका की रक्षा करती हैं। इन्हें राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए हथियार के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।’’
वहीं, ट्रंप ने एक अलग बयान में कहा, ‘‘सभी दस्तावेज पहले ही सार्वजनिक किए जा चुके हैं।’’ हालांकि उन्होंने इस दावे के समर्थन में सबूत पेश नहीं किए हैं और कहा कि दस्तावेजों को उनके घर से अवैध तरीके से जब्त किया गया।
न्याय विभाग ने इसका जवाब देते हुए कहा कि छापे की अनुमति एक संघीय न्यायाधीश ने दी थी क्योंकि एफबीआई ने अपराध अंजाम दिए जाने के समर्थन में संभावित कारण बताए थे।
एपी
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)