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जरुरी जानकारी | ट्रंप ने विभिन्न देशों पर व्यापक नए शुल्क की घोषणा की, महंगाई और व्यापार युद्ध का खतरा बढ़ा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. ट्रंप ने व्हाइट हाउस के रोज़ गार्डन में यह घोषणा करते हुए कहा कि वे दर्जनों ऐसे देशों पर शुल्क दरें बढ़ा रहे हैं जो अमेरिका के साथ सार्थक व्यापार अधिशेष रखते हैं। साथ ही, उन्होंने ‘आर्थिक आपातकाल’ के जवाब में सभी देशों से आयात पर 10 प्रतिशत का ‘बेसलाइन’ कर लगाया है।

जरुरी जानकारी | ट्रंप ने विभिन्न देशों पर व्यापक नए शुल्क की घोषणा की, महंगाई और व्यापार युद्ध का खतरा बढ़ा

ट्रंप ने व्हाइट हाउस के रोज़ गार्डन में यह घोषणा करते हुए कहा कि वे दर्जनों ऐसे देशों पर शुल्क दरें बढ़ा रहे हैं जो अमेरिका के साथ सार्थक व्यापार अधिशेष रखते हैं। साथ ही, उन्होंने ‘आर्थिक आपातकाल’ के जवाब में सभी देशों से आयात पर 10 प्रतिशत का ‘बेसलाइन’ कर लगाया है।

राष्ट्रपति ने कहा कि शुल्क घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए लगाए गए हैं। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका द्वारा निर्मित वैश्विक व्यापार प्रणाली का वर्णन करने के लिए आक्रामक शब्दों का इस्तेमाल किया।

उन्होंने कहा, “हमारे देश को अन्य देशों द्वारा लूटा गया और जबर्दस्ती की गई।”

यह कदम ऐतिहासिक कर वृद्धि के बराबर है जो वैश्विक व्यवस्था को टूटने के कगार पर पहुंचा सकता है। यह कई अमेरिकियों के लिए एक ऐसे बदलाव की शुरुआत है, जो शायद ‘दर्दनाक’ होगा। इससे मध्यम वर्ग की ज़रूरत वाली चीजें जैसे घर, वाहन और कपड़े महंगे होंगे। वहीं शांति और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए गठबंधनों में बाधा उत्पन्न होगी।

ट्रंप ने कहा कि वह अमेरिकी सरकार के लिए सैकड़ों अरबों का नया राजस्व लाने और वैश्विक व्यापार में निष्पक्षता बहाल करने के लिए कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “करदाताओं को 50 से अधिक वर्षों से लूटा जा रहा है। ...लेकिन अब ऐसा नहीं होने वाला है।”

ट्रंप ने शुल्क लगाने के लिए राष्ट्रीय आर्थिक आपातकाल की घोषणा की।

उन्होंने वादा किया है कि करों के परिणामस्वरूप कारखानों की नौकरियां अमेरिका में वापस आ जाएंगी, लेकिन उनकी नीतियों से अचानक आर्थिक मंदी का खतरा है क्योंकि उपभोक्ताओं और व्यवसायों को कीमतों में भारी बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है।

ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण चुनावी वादा पूरा किया क्योंकि उन्होंने 1977 के अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन शक्ति अधिनियम के तहत कांग्रेस के बिना व्यापार भागीदारों पर ‘जवाबी’ शुल्क लगाए हैं। लेकिन बुधवार को उनकी यह कार्रवाई मुद्रास्फीति से निपटने के लिए पिछले साल के चुनाव में ट्रंप के मतदाता जनादेश को खतरे में डाल सकती है।

राष्ट्रपति की उच्च दरें उन विदेशी इकाइयों को प्रभावित करेंगी जो अमेरिका को खरीदने से ज़्यादा सामान बेचती हैं। ट्रंप प्रशासन ने अनिवार्य रूप से उन देशों के साथ व्यापार असंतुलन के बराबर राजस्व जुटाने के लिए अपनी शुल्क दरों की गणना की है। ट्रंप ने फिर उस दर को आधा कर दिया और खुद को ‘बहुत दयालु’ बताया।

व्हाइट हाउस का कहना है कि शुल्क और अन्य व्यापार असंतुलन के कारण पिछले साल 1,200 अरब डॉलर का असंतुलन हुआ। प्रशासनिक अधिकारियों ने सुझाव दिया कि अन्य देशों को अपने आयात पर नए शुल्क को कम करने के लिए कई तरह की कार्रवाई करनी पड़ सकती है, और उन देशों द्वारा जवाबी शुल्क लगाने से स्थिति और खराब हो सकती है।

अमेरिका में फिच रेटिंग्स के आर्थिक शोध के प्रमुख ओलु सोनोला ने कहा कि अमेरिका द्वारा विभिन्न देशों से वसूले जाने वाले औसत शुल्क की दर 2024 के ढाई प्रतिशत से बढ़कर करीब 22 प्रतिशत हो जाएगी।

सोनोला ने कहा, ‘‘अब कई देश मंदी की गिरफ्त में आ जाएंगे।’’

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 03, 2025 08:54 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).