विदेश की खबरें | भारतीय स्कॉलर के निर्वासन मुकदमे को वर्जीनिया से टेक्सास स्थानांतरित करना चाहता है ट्रंप प्रशासन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. भारतीय स्कॉलर को ‘हमास का प्रचार करने’ के आरोप में जेल में रखा गया है। अमेरिकी जिला न्यायाधीश पेट्रीसिया टोलिवर गिल्स सरकार के अनुरोध पर संदेह की स्थिति में दिखाई दीं।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

भारतीय स्कॉलर को ‘हमास का प्रचार करने’ के आरोप में जेल में रखा गया है। अमेरिकी जिला न्यायाधीश पेट्रीसिया टोलिवर गिल्स सरकार के अनुरोध पर संदेह की स्थिति में दिखाई दीं।

ट्रंप प्रशासन ने न्यायाधीश से वर्जीनिया में चल रहे मामले को खारिज करने का अनुरोध किया था।

न्यायाधीश ने चिंता जताई कि अगर अदालत ने मामले को खारिज कर दिया तो मार्च महीने में दिया उनका आदेश रद्द हो जाएगा, जिसके तहत भारतीय नागरिक बदर खान सूरी को मामले के निपटारे तक अमेरिका में रखने का निर्देश दिया गया था।

खान सूरी वर्ष 2022 में जे-1 वीजा पर अमेरिका आये थे और जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय में ‘विजिटिंग स्कॉलर’ और ‘पोस्टडॉक्टरल फेलो’ के रूप में काम कर रहे थे।

सूरी और मेफेज सालेह के तीन बच्चे हैं, जिनमें नौ वर्षीय एक बेटा और पांच वर्षीय जुड़वां बच्चे शामिल हैं।

न्याय विभाग के वकील डेविड बायरले ने गिल्स को बताया कि उन्हें अदालत की चिंता के बारे में अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन से बात करनी होगी।

बायरले ने कहा कि उन्हें समझ में नहीं आ रहा कि आईसीई खान सूरी को निर्वासित करने के खिलाफ उनके आदेश का सम्मान क्यों नहीं करेगा, जबकि मामला टेक्सास संघीय अदालत में फिर से दायर किया जा रहा है।

न्यायाधीश ने कहा, “ठीक है। मैं इस दलील पर भरोसा नहीं करती। लेकिन धन्यवाद।”

सुनवाई से पहले अमेरिकी वकीलों ने दलील दी थी कि खान सूरी को राज्य से बाहर किये जाने के बाद उनके वकीलों ने वर्जीनिया में मुकदमा दायर किया।

उन्होंने बताया कि टेक्सास में सूरी का मुकदमा दायर करना कानून के मुताबिक है।

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