जरुरी जानकारी | महाराष्ट्र में ई-चालान के खिलाफ ट्रक चालक हड़ताल पर: ट्रांसपोर्टर संघ
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. महाराष्ट्र में ट्रक चालक ई-चालान प्रणाली के विरोध में तथा अन्य लंबित मांगों को लेकर बुधवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए, जिससे राज्य भर में माल परिवहन सेवाएं बाधित हुईं। ट्रांसपोर्टरों के प्रतिनिधियों ने यह जानकारी दी।
मुंबई, दो जुलाई महाराष्ट्र में ट्रक चालक ई-चालान प्रणाली के विरोध में तथा अन्य लंबित मांगों को लेकर बुधवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए, जिससे राज्य भर में माल परिवहन सेवाएं बाधित हुईं। ट्रांसपोर्टरों के प्रतिनिधियों ने यह जानकारी दी।
ट्रांसपोर्टरों ने शिकायत की है कि अधिकारियों द्वारा वसूली प्रक्रिया आक्रामक हो गई है, जिससे व्यापार संचालन बाधित हो रहा है, साथ ही ई-चालान के जुर्माने में भी वृद्धि हो रही है।
ट्रांसपोर्टर संगठनों की एक कार्य समिति ‘वहातुकदार बचाओ कृति संगठन’ ने हड़ताल का आह्वान किया है।
ट्रक चालकों ने आधी रात से हड़ताल शुरू कर दी है, जबकि बस संचालकों ने अगले कुछ दिनों के लिए हड़ताल में शामिल होने से मना कर दिया है।
कार्य समिति के संयोजक उदय बर्गे ने दावा किया, “हड़ताल का पहला दिन होने के कारण इसे मिलीजुली प्रतिक्रिया मिली है, लेकिन दोपहर बाद स्थिति अलग होगी।”
उन्होंने कहा कि हड़ताल के कारण मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में 1.5 लाख और दो लाख ट्रक तथा अन्य मालवाहक वाहन, सड़कों से नदारद रहेंगे।
बर्गे ने दावा किया कि मुंबई के व्यापारिक केंद्र कालबादेवी में सभी ट्रक सड़कों से नदारद हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों में परिवहन संघों के सदस्य ट्रांसपोर्टरों को हड़ताल में शामिल होने के लिए राजी करने के लिए ‘गांधीगिरी’ का इस्तेमाल कर रहे हैं।
ट्रांसपोर्टरों की मांगों में ई-चालान जुर्माना की जबरन वसूली बंद करना, छह महीने से पुराने ई-चालान रद्द करना, मौजूदा जुर्माने को माफ करना, भारी वाहनों के लिए अनिवार्य क्लीनर नियम को खत्म करना और महानगरों में ‘नो-एंट्री’ (प्रवेश निषेध) समय पर पुनर्विचार करना शामिल है।
हड़ताल के आह्वान को देखते हुए राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर विचार करने के लिए मुंबई यातायात पुलिस, राजमार्ग पुलिस और मोटर वाहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ परिवहन संघों के नेताओं की एक 10 सदस्यीय समिति गठित की है।
मंगलवार देर रात जारी सरकारी प्रस्ताव (जीआर) के अनुसार, समिति एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने 26 जून को ट्रांसपोर्टरों की मांगों पर विचार करने के लिए समिति के गठन का आश्वासन दिया।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 02, 2025 10:46 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

