देश की खबरें | बेटे शुभेंदु के भाजपा में जाने के बाद उनके पिता शिशिर अधिकारी को तृणमूल ने एक और पद से हटाया
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

कोलकाता, 13 जनवरी पश्चिम बंगाल के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी के भाजपा में शामिल होने के करीब एक महीने बाद उनके पिता एवं लोकसभा सदस्य शिशिर अधिकारी को तृणमूल कांग्रेस ने पूर्व मिदनापुर जिले के अध्यक्ष पद से हटा दिया।

तृणमूल के वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी परिवार के विरोधी माने जाने वाले सोमेन महापात्रा को अधिकारी की जगह पार्टी की पूर्व मिदनापुर जिला इकाई का अध्यक्ष बनाया गया है।

इससे एक दिन पहले अधिकारी को दीघा शंकरपुर विकास प्राधिकरण (डीएसडीए) के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था।

अधिकारी के स्थान पर विधायक अखिल गिरि को डीएसडीए का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जो तृणमूल कांग्रेस में उनके विरोधी माने जाते हैं।

तृणमूल कांग्रेस के साथ बढ़ती रिश्तों में बढ़ती खटास का संकेत देते हुए अधिकारी परिवार पार्टी और सरकार से दूरी रख रहा है।

महापात्रा ने कहा, “पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने मुझे एक जिम्मेदारी सौंपी है। मैं जिले में पार्टी को मजबूत करने के लिये शिशिर दा के साथ काम करूंगा।”

संपर्क किये जाने पर 80 वर्षीय अधिकारी ने कहा कि उन्हें इस घटनाक्रम से फर्क नहीं पड़ता।

उन्होंने कहा, “मैं 2006 से जिला अध्यक्ष था। अगर उन्हें (टीएमसी को) लगता है कि मेरी जरूरत नहीं है तो यह उन्हें तय करना है। मुझे इस बारे में कुछ नहीं कहना।”

तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सौगत रॉय ने कहा कि अधिकारी स्वस्थ नहीं हैं और जिला अध्यक्ष के तौर पर अपने दायित्वों का निर्वहन करने में सक्षम नहीं हैं। तृणमूल कांग्रेस के सांसद ने कहा, इसलिये उनकी जगह अपेक्षाकृत युवा नेता को लाया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक अधिकारी ने अपने करीबियों को बताया था कि जिस तरह से पार्टी के नेता उनके परिवार पर निशाना साध रहे हैं इससे वो खुश नहीं थे।

शुभेंदु ने पिछले महीने भाजपा का दामन थाम लिया था और बाद में अपने भाई सोमेंदु को भी पार्टी द्वारा कांति नगरपालिका के प्रशासक पद से हटाए जाने पर भाजपा में शामिल करवा दिया था।

उनके छोटे भाई दिब्येंदु अधिकारी तामलुक लोकसभा सीट से सांसद हैं।

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वरिष्ठ नेता भगवा पार्टी का दामन थाम लेंगे।

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय ने कहा, “हमें उम्मीद है कि वो भी हमारे साथ जुड़ जाएंगे। वह एक वयोवृद्ध नेता हैं।”

संवाददाताओं से बात करते हुए शुभेंदु ने कहा कि अगले कदम के बारे में उनके पिता को फैसला करना है क्योंकि टीएमसी कभी भी उनकी प्रतिभा का इनाम नहीं देगी।

उन्होंने कहा, “टीएमसी एक निजी कंपनी में बदल गई है। उसके पास प्रतिभाशाली नेताओं के लिये कोई जगह नहीं। यहां चापलूसों की जगह है। यह मेरे पिता को तय करना है कि वह आगे क्या करना चाहते हैं।”

तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों के मुताबित पार्टी नेतृत्व शुभेंदु द्वारा पाला बदलने के बाद पार्टी नेताओं पर किये जा रहे लगातार हमलों पर शिशिर अधिकारी की चुप्पी से खुश नहीं था।

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