देश की खबरें | घड़ियों, कलाकृतियों के जरिए भारत के पहले विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत को दी गई श्रद्धांजलि

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नयी दिल्ली, 16 अगस्त डिजिटल बाजार हेफ्टी. आर्ट, प्रसिद्ध मूर्तिकार अर्जन खंबाटा और घड़ी निर्माता बैंगलोर वॉच कंपनी ने आईएनएस विक्रांत आर11 को श्रद्धांजलि देते हुए बुधवार को एक नए संग्रह की घोषणा की।

यह विशिष्ट संग्रह युद्ध पोत की धातु से तैयार किया गया है। इस संग्रह में खंबाटा द्वारा पांच विशेष मूर्तियां और बैंगलोर वॉच कंपनी द्वारा सीमित संस्करण में बाजार में लाई गईं 70 कलाई घड़ियां शामिल हैं।

एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह संग्रह हेफ्टी आर्ट के डिजिटल मंच पर उपलब्ध है।

मुंबई में रहने वाले कलाकार मुंबई के लायंस गेट पर स्थित आईएनएस विक्रांत की मौजूदा प्रतिकृति को फिर से बना रहे हैं और वह इस युद्धपोत की पांच अनूठी प्रतिकृतियां तैयार करेंगे।

हेफ्टी. आर्ट की सह संस्थापक कनिष्क छाबड़िया ने कहा, “आईएनएस विक्रांत आर11, भारत की नौसैन्य शक्ति का प्रतीक है, जिसने 1961 से 1997 तक देश के समुद्र के एक रक्षक के तौर पर सेवा दी। यह एशिया का पहला विमानवाहक पोत था, जिसने इतिहास में अपने महत्व को प्रदर्शित किया।”

उन्होंने कहा कि यह कवायद कई कलाकृतियों में इसकी धातु का इस्तेमाल कर युद्धपोत की ऐतिहासिक विरासत को यादगार बनाने का प्रयास करता है।

आईएनएस विक्रांत भारत का पहला विमानवाहक पोत है। इसे ब्रिटिश रॉयल नेवी के लिए एचएमएस (हर मेजेस्टीज़ शिप) हरक्यूलिस नाम से बनाया गया था। इसे 1945 में ब्रिटिश रॉयल नेवी में शामिल किया गया था।

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