ताजा खबरें | संसद में दी गई करगिल के शहीदों को श्रद्धांजलि

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. संसद के दोनों सदनों में करगिल विजय दिवस के अवसर पर बुधवार को शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई और उनके परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की गई।

नयी दिल्ली, 26 जुलाई संसद के दोनों सदनों में करगिल विजय दिवस के अवसर पर बुधवार को शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई और उनके परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की गई।

लोकसभा की कार्यवाही आरंभ होने पर अध्यक्ष ओम बिरला ने करगिल विजय दिवस का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा, ‘‘इस अवसर पर हम अपने उन वीर जवानों की वीरता, संकल्प शक्ति और प्रतिबद्धता को नमन करते हैं जिन्होंने करगिल के प्रतिकूल मौसम और दुर्गम इलाके में असाधारण वीरता का परिचय देते हुए विजय प्राप्त की।’’

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘यह सभा करगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें नमन करती है और उनके परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करती है।’’

इसके बाद पूरे सदन ने कुछ पल मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

राज्यसभा की कार्यवाही आरंभ हुई तो सभापति जगदीप धनखड़ ने करगिल विजय दिवस की 24वीं वर्षगांठ का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1999 में आज ही के दिन वीर जवानों ने अपने अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प से कारगिल में घुसपैठियों को हमारी सीमा से खदेड़ दिया था।

उन्होंने कहा, ‘‘आइए हम करगिल युद्ध में शहीद हुए लोगों के प्रति कृतज्ञतापूर्वक नमन करें, साथ ही हमारी सेनाओं और सैनिकों को भी सलाम करें जो हमारे राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देने हेतु हमेशा तैयार रहते हैं।’’

धनखड़ ने कहा कि देश के बहादुर सैनिकों ने अनुकरणीय व अपने अदम्य साहस से दुर्गम इलाकों और बेहद प्रतिकूल मौसम का सामना करते हुए दुश्मन को परास्त किया।

उन्होंने कहा, ‘‘उनकी बहादुरी की गाथा हमें हर दिन देश की सेवा के लिए प्रेरित करती रहती है। आइए करगिल विजय दिवस मनाते हुए अपने बहादुर सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को याद करें। यह हमारे लिए भारत को सर्वोपरि रखने में स्वयं को पुनः समर्पित करने का भी एक अवसर है।’’

सभापति ने कहा कि वह इस प्रतिष्ठित सदन की ओर से सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हैं।

इसके बाद सभी सदस्यों ने अपने स्थानों पर खड़े होकर कुछ देर मौन रखा और इस युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

भारतीय सेना ने 1999 में लद्दाख की अहम चोटियों पर अवैध तरीके से कब्जा करने वाली पाकिस्तानी सेना को खदेड़ने के लिए एक भीषण जवाबी हमला किया था। करगिल विजय दिवस भारत की अपने पड़ोसी पर जीत को चिह्नित करने के लिए मनाया जाता है।

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