देश की खबरें | आदिवासी की मौत , वन मंत्री ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जताया ऐतराज
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि वन मंत्री अकबर ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है। अकबर ने पत्र लिखकर कहा है कि कवर्धा जिले के एक आदिवासी झाम सिंह धुर्वे की मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा हत्या करने को उन्होंने संज्ञान में नहीं लिया।
राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि वन मंत्री अकबर ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है। अकबर ने पत्र लिखकर कहा है कि कवर्धा जिले के एक आदिवासी झाम सिंह धुर्वे की मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा हत्या करने को उन्होंने संज्ञान में नहीं लिया।
अधिकरियों ने बताया कि छह सितंबर को कबीरधाम जिले के बोड़ला ब्लॉक में दो आदिवासी झामसिंह ध्रुर्वे तथा नेमसिंह ध्रुर्वे मछली पकड़ने जंगल गए थे। मध्यप्रदेश पुलिस ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की तब दोनों वहां से भागने लगे बाद में पुलिस ने उन्हें गोली मार दी। इस घटना में झाम सिंह की मौके पर ही मौत हो गई जबकि नेम सिंह किसी तरह जान बचा पाया।
उन्होंने बताया कि इस बीच नेम सिंह ने स्थानीय थाने में इसकी शिकायत की। जिसके बाद मामले की हकीकत सामने आई।
अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ के वन मंत्री और स्थानीय विधायक मोहम्मद अकबर ने कलेक्टर से मामले की रिपोर्ट तलब की। कलेक्टर ने जांच में कई ऐसे सबूत पाए जिससे पता चलता है कि मामला निर्दोष आदिवासी की हत्या का है।
उन्होंने बताया कि वन मंत्री अकबर ने इसके बाद 12 सितंबर को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री तथा गृह मंत्री को पत्र लिखकर इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा दोषियों के विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया था। बाद में अकबर ने 14 सितंबर को एक और पत्र मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को लिखा।
अकबर ने 12 सितंबर को लिखी गई चिट्ठी का हवाला देते हुए कहा है यह मामला बेहद गंभीर है अभी तक मध्यप्रदेश सरकार द्वारा इसे लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया है।
वन मंत्री अकबर ने कहा पत्र में कहा है कि छह सितंबर को मध्यप्रदेश पुलिस ने छत्तीसगढ़ के एक निर्दोष आदिवासी की हत्या कर दी और दूसरे आदिवासी की हत्या का प्रयास किया, जो बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा है कि इससे छत्तीसगढ़ के आदिवासी समाज में गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
वन मंत्री अकबर ने उनके द्वारा पहले लिखी गई चिट्ठी पर कार्रवाई न होने पर निराशा जाहिर की। उन्होंने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री चौहान से अनुरोध किया है कि इस संवेदनशील प्रकरण में उच्च स्तरीय जांच तत्काल की जाए और छत्तीसगढ़ सरकार को इसकी जानकारी मुहैया कराई जाए।
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