नयी दिल्ली, पांच सितंबर दूरसंचार एवं प्रसारण क्षेत्र के नियामक ट्राई ने निजी एफएम रेडियो प्रसारकों को समाचारों एवं सामयिक मुद्दों पर आधारित कार्यक्रमों के प्रसारण की अनुमति देने की सिफारिश की है।
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने मंगलवार को सरकार को सौंपी अपनी सिफारिशों में कहा कि निजी एफएम चैनल को हर घंटे में 10 मिनट के लिए समाचार एवं सामयिक कार्यक्रमों के प्रसारण की अनुमति दी जाए।
ट्राई के मुताबिक, इन निजी एफएम चैनलों पर भी कार्यक्रम से संबंधित वही संहिता एवं निर्देश लागू होंगे जो समाचारों के संबंध में आकाशवाणी पर लागू होते हैं।
इसके साथ ही ट्राई ने एफएम रेडियो से संबंधित फीचर एवं कार्य सभी मोबाइल फोन उपकरणों में सक्रिय रखने की सिफारिश भी की है। विनियामक ने कहा, ‘‘मोबाइल फोन में एफएम रेडियो रिसीवर लगा हुआ हो और उसे चालू या निष्क्रिय करने की जरूरत न हो।’’
प्राधिकरण ने कहा कि एफएम रेडियो चैनल के किसी वित्त वर्ष के सकल राजस्व का चार प्रतिशत ही लाइसेंस शुल्क के रूप में लिया जाना चाहिए। इस पर अलग से माल एवं सेवा कर (जीएसटी) नहीं लगाया जाना चाहिए।
इसके अलावा ट्राई ने सरकार से कहा कि वह कोविड-19 महामारी के दौरान पैदा हुई चुनौतियों से जूझ रहे एफएम रेडियो प्रसारकों को राहत देने के लिए भी कदम उठाए।
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