द्रविड़ की कोचिंग शैली पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी: रविचंद्रन अश्विन
रविचंद्रन अश्विन ने कहा है कि राहुल द्रविड़ की कोचिंग शैली पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी लेकिन भारत के इस शीर्ष स्पिनर को भरोसा है कि इस दिग्गज के मार्गदर्शन में ड्रेसिंग रूम में खुशियां लौटेंगी. द्रविड़ ने भारतीय टीम के मुख्य कोच के रूप में रवि शास्त्री की जगह ली है.
जयपुर, 18 नवंबर : रविचंद्रन अश्विन ने कहा है कि राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) की कोचिंग शैली पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी लेकिन भारत के इस शीर्ष स्पिनर को भरोसा है कि इस दिग्गज के मार्गदर्शन में ड्रेसिंग रूम में खुशियां लौटेंगी. द्रविड़ ने भारतीय टीम के मुख्य कोच के रूप में रवि शास्त्री की जगह ली है. उनके कार्यकाल की शुरुआत भारत और न्यूजीलैंड के बीच मौजूदा टी20 श्रृंखला के साथ हुई. अश्विन ने चार साल बाहर रहने के बाद भारत की सीमित ओवरों की टीम में वापसी की है. इस आफ स्पिनर को 2017 के मध्य से एक भी सीमित ओवरों का मुकाबला खेलने को नहीं मिला था और हाल में टीम के इंग्लैंड के टेस्ट दौरे पर भी उन्होंने दर्शक की ही भूमिका निभाई थी. इस 35 वर्षीय खिलाड़ी ने हाल में संपन्न टी20 विश्व कप के दौरान वापसी की जब उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ खेलने का मौका मिला. वह न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला के लिए भी भारतीय टीम का हिस्सा हैं और बुधवार को पहले मैच में उन्होंने दो विकेट चटकाए.
अश्विन ने बुधवार को भारत की पांच विकेट की जीत के बाद आधिकारिक प्रसारणकर्ता से कहा, ‘‘राहुल द्रविड़ की कोचिंग शैली पर टिप्पणी करना अभी मेरे लिए जल्दबाजी होगी लेकिन उन्होंने अंडर-19 स्तर से ही मापदंड स्थापित किए हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह काफी चीजें भाग्य के सहारे नहीं छोड़ेंगे और वह तैयारी तथा प्रक्रिया में विश्वास रखते हैं जिससे कि हम भारतीय ड्रेसिंग रूम में खुशियों की वापसी कर पाएं.’’ भारतीय टीम में नया नेतृत्व समूह बना है. द्रविड़ ने शास्त्री की जगह ली है तो टी20 में विराट कोहली की जगह रोहित शर्मा टीम की कमान संभाल रहे हैं. यह भी पढ़ें : India Vs New Zealand T20 Series: न्यूजीलैंड को मात देने के बाद टीम इंडिया ने ऐसे मनाया जीत का जश्न, देखें Rohit Sharma एंड कंपनी का ये वीडियो
पहले टी20 के संदर्भ में अश्विन ने कहा कि उन्होंने महसूस किया कि गेंद की गति धीमी करने से काफी फायदा हो रहा है.
उन्होंने कहा, ‘‘आप जितनी धीमी गेंद फेंकोगे, पिच से उतनी ही मदद मिल रही थी. अगर आप सीम के साथ गेंद को हवा में अधिक देर रखोगे तो मदद मिल सकती है जैसा (मिशेल) सेंटनर ने दूसरी पारी में दिखाया.’’ भारत को 165 रन का लक्ष्य मिला था और अश्विन का मानना है कि उनकी टीम को मैच को अंतिम ओवर तक नहीं ले जाना चाहिए था. उन्होंने कहा, ‘‘प्रतिस्पर्धी स्कोर से कम रन थे और हमने सोचा था कि 170 से 180 रन प्रतिस्पर्धी स्कोर होगा. हमने सोचा था कि हम 15वें ओवर के आसपास जीत दर्ज कर लेंगे लेकिन टी20 क्रिकेट में ऐसा होता है.’’
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 18, 2021 10:36 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

