जरुरी जानकारी | तोमर का किसानों से अंतिम तिथि से पहले फसल बीमा योजना के तहत पंजीकरण कराने का आह्वान
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नयी दिल्ली, 17 जुलाई कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को किसानों से कहा कि वे अंतिम तिथि से पहले प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के तहत पंजीकरण कराने के लिए सामने आएं। इससे उन्हें खरीफ 2020 फसल के समक्ष आने वाली प्राकृतिक आपदा से सुरक्षा हासिल होगी।
तोमर ने कहा कि खरीफ -2020 सत्र के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के तहत किसानों का नामांकन देश भर में जारी है। उन्होंने अधिक से अधिक किसानों से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में खरीफ 2020 सत्र के लिये अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2020 हो सकती है। केंद्र ने सभी किसानों के लिए नामांकन मुफ्त कर दिया है। उन्हें अब केवल प्रीमियम राशि का भुगतान करना है।
एक वीडियो संदेश के माध्यम से, मंत्री ने सभी किसानों से प्राकृतिक आपदाओं के परिणामस्वरूप फसल की विफलता / नुकसान के कारण होने वाली वित्तीय हानि से खुद को संरक्षित करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में इस योजना के शुरू होने के बाद से किसानों ने 13,000 करोड़ रुपये का प्रीमियम चुकाया था, जबकि उन्हें 64,000 करोड़ रुपये के दावों का भुगतान मिला।
कोई भी किसान जो पीएमएफबीवाई के तहत नामांकित होना चाहता है, उसे अपने नजदीकी बैंक, प्राथमिक कृषि साख समिति, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी), ग्राम स्तर के उद्यमियों (वीएलई), कृषि विभाग के कार्यालय या बीमा कंपनी के प्रतिनिधि से संपर्क करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसानों के पास राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल (एनसीआईपी) या फसल बीमा ऐप के माध्यम से नामांकन करने के विकल्प भी हैं।
मंत्री ने किसानों को नामांकन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आधार संख्या, बैंक पासबुक, भूमि रिकॉर्ड / किरायेदारी समझौते, और स्व-घोषणा प्रमाण पत्र पास में रखने के लिए कहा।
उन्होंने कहा, "इस सत्र में, योजना के तहत नामांकित सभी किसानों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर नियमित एसएमएस के माध्यम से उनके आवेदन की स्थिति के बारे में सूचित किया जाएगा।"
केंद्र ने खरीफ -2020 सत्र के बाद से सभी किसानों के लिए योजना को स्वैच्छिक बना दिया है। इससे पहले, सभी ऋण प्राप्तकर्ता किसानों के लिए यह योजना अनिवार्य थी। तोमर ने कहा, "अब, बकाया ऋण वाले किसान नामांकन की अंतिम तिथि से सात दिन पहले अपनी बैंक शाखा को एक साधारण घोषणा पत्र देकर योजना से बाहर हो सकते हैं।"
इस योजना के तहत, किसान खरीफ सत्र 2020 में अपनी खाद्य फसलों (अनाज और तिलहन) के लिए बीमित राशि के दो प्रतिशत और वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के लिए बीमित राशि के पांच प्रतिशत की न्यूनतम प्रीमियम दर पर बीमा ले सकते हैं। शेष प्रीमियम राशि केंद्र और राज्यों द्वारा साझा तौर पर वहन की जायेगी।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 17, 2020 05:01 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

